Indonesia: इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 7.7 तीव्रता के इस भूकंप के बाद अब तक 53 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। भूकंप के अगले दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा। रविवार को बचाव दलों ने मलबे से छह और शव बरामद किए।
भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक आने से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। कई प्रभावित परिवारों ने घरों में लौटने के बजाय खुले स्थानों और अस्थायी शिविरों में रात गुजारी। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 995 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं, हालांकि इनमें से अपेक्षाकृत कम झटके ही लोगों ने महसूस किए।
Indonesia: फ्लोरेस में भूस्खलन से बढ़ी मुश्किल
भूकंप का सबसे ज्यादा असर कैथोलिक बहुल फ्लोरेस द्वीप के कई इलाकों में देखने को मिला। तेज झटकों के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें बंद हो गईं और कुछ गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ।
बचाव दलों ने फ्लोरेस के छह क्षेत्रों में मलबे के बीच लोगों की तलाश की। मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जैसे इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि पहाड़ी भूभाग और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण वहां राहत टीमों का पहुंचना मुश्किल था।
Indonesia: कई गांवों तक दोबारा पहुंची राहत टीमें
सिक्का रीजेंसी की राजधानी मौमेरे में खोज और बचाव अभियान से जुड़े अधिकारी फथुर रहमान के मुताबिक अधिकांश प्रमुख भूस्खलन वाले रास्तों से मलबा हटाया जा चुका है। इससे पहले संपर्क से कटे कुछ गांवों तक पहुंचने वाले रास्ते फिर से खोल दिए गए हैं।
हालांकि बिजली आपूर्ति बाधित होने और संचार व्यवस्था में परेशानी के कारण राहत एवं खोज अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी बचाव टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Indonesia: हजारों लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर
ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में भूकंप से बड़े पैमाने पर मकानों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार 900 से अधिक घर पूरी तरह तबाह हुए हैं, जबकि करीब 450 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इससे लगभग 5,000 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में रहना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लोगों को भोजन, पानी और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
Indonesia: फ्लोरेस में 241 मकानों को नुकसान
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के आपदा रोकथाम विभाग से जुड़े अधिकारी अब्दुल मुहरी ने बताया कि अकेले फ्लोरेस क्षेत्र में कम से कम 241 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है।
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के मुताबिक शक्तिशाली भूकंप स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह करीब छह बजे से कुछ मिनट पहले आया था। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। कम गहराई पर आए इस शक्तिशाली झटके के कारण कई इलाकों में नुकसान हुआ।
Indonesia: सुनामी की चेतावनी से भी मची अफरातफरी
भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया। चेतावनी सामने आते ही तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच घबराहट फैल गई और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
अधिकारियों के मुताबिक भूकंप के बाद अब तक 995 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 46 झटके ऐसे रहे जिन्हें लोगों ने खुद महसूस किया। इस प्राकृतिक आपदा में 135 लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
Indonesia: कोमोडो नेशनल पार्क के पास लोगों ने खुले में बिताई रात
भूकंप के झटकों का असर लोकप्रिय पर्यटन स्थल लाबुआन बाजो में भी देखने को मिला। कोमोडो नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में पहचाने जाने वाले इस शहर में कई लोगों ने आफ्टरशॉक के डर से घरों के बाहर रात बिताई।
प्रभावित लोगों के मुताबिक तेज झटकों के दौरान मकानों के गिरने का डर बना हुआ था। कई परिवारों ने सुरक्षित रहने के लिए अपने क्षतिग्रस्त घरों के पास अस्थायी टेंट लगा लिए हैं।
Indonesia: 700 किलोमीटर लंबे हाईवे के कई हिस्से प्रभावित
भूस्खलन के कारण ट्रांस-फ्लोरेस हाईवे के कुछ हिस्सों में आवाजाही बाधित हुई। यह सड़क पहाड़ी द्वीप के अलग-अलग समुदायों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है और इसकी लंबाई करीब 700 किलोमीटर बताई जाती है।
सड़क मार्ग बाधित होने से दूर-दराज के गांवों तक राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचाने में परेशानी आई। प्रशासन की ओर से मलबा हटाकर रास्तों को जल्द से जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
Indonesia: राहत शिविरों में पहुंचाई जा रही जरूरी सामग्री
आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को चावल, तैयार भोजन, पीने का पानी, कंबल और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिन लोगों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं, उनके लिए अस्थायी आश्रय बनाए गए हैं। अधिकारियों के सामने बिजली और संचार व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ भूस्खलन से प्रभावित दूरदराज के इलाकों तक राहत पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Indonesia: रिंग ऑफ फायर के कारण भूकंप का खतरा
इंडोनेशिया भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिहाज से दुनिया के संवेदनशील देशों में शामिल है। देश 17 हजार से अधिक द्वीपों में फैला हुआ है और प्रशांत महासागर के तथाकथित रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है।
इस क्षेत्र में कई सक्रिय भूगर्भीय प्लेटों की गतिविधियां होती हैं। इसी वजह से इंडोनेशिया में समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
Indonesia: फ्लोरेस पहले भी झेल चुका है बड़ी आपदा
फ्लोरेस द्वीप पहले भी बड़े प्राकृतिक हादसों का सामना कर चुका है। वर्ष 1992 में आए शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। उस आपदा में करीब 2,500 लोगों की जान गई थी।
इंडोनेशिया के अन्य हिस्से भी विनाशकारी भूकंप और सुनामी की चपेट में आ चुके हैं। वर्ष 2018 में सुलावेसी में 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी से 4,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2004 में सुमात्रा के पास आए 9.1 तीव्रता के भूकंप से उठी सुनामी ने कई देशों में भारी तबाही मचाई और करीब 2.30 लाख लोगों की जान चली गई थी।
Indonesia: राहत और बचाव अभियान अभी जारी
फिलहाल इंडोनेशिया में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सेवाओं को बहाल करना है।
लगातार आ रहे आफ्टरशॉक के बीच लोगों में डर बना हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
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