Isa Ahmad
Khairagarh : खैरागढ़ तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए तहसीलदार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Khairagarh : बिना अनावेदक पक्ष को सुने आदेश पारित करने का आरोप, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन की शिकायत
Khairagarh News: अधिवक्ताओं का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शासन बनाम शंभू एवं अन्य प्रकरण में तहसीलदार ने अनावेदक पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना ही आदेश पारित कर दिया। उनका कहना है कि यह प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांत, जिसमें किसी भी निर्णय से पहले दोनों पक्षों को सुनना आवश्यक माना जाता है, के विपरीत है। अधिवक्ताओं के अनुसार, इससे संबंधित पक्ष के न्यायिक अधिकार प्रभावित हुए हैं।
Khairagarh : अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की उठाई मांग, भविष्य में दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के निर्देश जारी करने की अपील
Khairagarh : ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी पूर्व में ही तहसील कार्यालय को उपलब्ध करा दी गई थी। इसके बावजूद अनावेदक पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से आम लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास कमजोर हो सकता है।
Khairagarh : अधिवक्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या प्रक्रिया का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी मामले में दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिए बिना कोई आदेश जारी न करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।





