MP Investment : नई दिल्ली में हुई एनआईसीडीआईटी की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक
MP Investment : भोपाल/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक में सहभागिता की। बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री एवं एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मुख्य मंत्रियों, उद्योग मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है और मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने बहुत अच्छा काम किया है। राज्य में निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है और सरकार ने उद्योग जगत का विश्वास जीतने में सफलता प्राप्त की है। यही विश्वास आज बड़ी संख्या में निवेशकों को मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को बेहतर अधोसंरचना, सुगम प्रक्रियाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो, जिससे निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतरें।
MP Investment : पीएम मित्र पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर, 2025 को भूमि पूजन किया गया। यह परियोजना मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और सरकार इन प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
MP Investment : GIS के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से लगभग 30 प्रतिशत प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश की नीतियों और सरकार की कार्यप्रणाली में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश सरकार ने निवेशकों का विश्वास जीता है और यही कारण है कि बड़ी मात्रा में निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश कर रहे हैं।” सरकार उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देश में औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ मध्यप्रदेश को भी मिल रहा है। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं प्रदेश में औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
MP Investment : एमपी के हर क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, कृषि आधारित उद्योग और एमएसएमई सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला निवेश केवल पूंजी निर्माण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशकों का बढ़ता भरोसा प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश के औद्योगिक विकास में और महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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