Ground Level Ozone Pollution India: भारत के शहरों में गहराया ‘अदृश्य’ संकट: दिल्ली-NCR बना देश का सबसे बड़ा ओजोन हॉटस्पॉट, सेहत और फसलों को भारी नुकसान

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Ground Level Ozone Pollution India

Ground Level Ozone Pollution India भारत के शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) द्वारा वर्ष 2021 से 2026 तक की अवधि में किए गए एक विस्तृत अध्ययन के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन के पास बनने वाली ओजोन गैस (Ground-Level Ozone) अब देश के प्रमुख शहरों में साल भर रहने वाला एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य और जलवायु संकट बन चुकी है। इस अदृश्य लेकिन बेहद घातक प्रदूषण से देश की राजधानी दिल्ली और पूरा एनसीआर (NCR) क्षेत्र सबसे गंभीर रूप से प्रभावित पाया गया है।

Ground Level Ozone Pollution India धूप और गैसों का घातक कॉम्बिनेशन: क्या है ग्राउंड-लेवल ओजोन?

Ground Level Ozone Pollution India वायुमंडल की ऊपरी परत (Stratosphere) में मौजूद ओजोन हमें सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है, लेकिन इसके विपरीत जमीन के ठीक ऊपर सांस लेने वाली हवा में मौजूद ओजोन एक खतरनाक प्रदूषक का काम करती है। यह गैस सीधे तौर पर किसी स्रोत से नहीं निकलती, बल्कि जब वाहनों, फैक्टरियों, घरेलू ईंधन और कचरा जलने से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (VOCs) तेज धूप और बढ़ते तापमान के संपर्क में आते हैं, तो उनके बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया से इस जहरीली ओजोन का निर्माण होता है।

Ground Level Ozone Pollution India फेफड़ों पर सीधे चोट और गंभीर बीमारियों का बढ़ता खतरा

सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राउंड-लेवल ओजोन इंसानी शरीर के लिए सबसे नुकसानदेह तत्वों में से एक है। इसके संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव बेहद डरावने हैं:

  • श्वसन तंत्र पर हमला: यह गैस फेफड़ों के नाजुक ऊतकों को सीधे तौर पर क्षति पहुँचाती है, सांस की नली में सूजन पैदा करती है और अस्थमा (दमा) के मरीजों की समस्या को कई गुना बढ़ा देती है।
  • गंभीर हृदय रोग: ओजोन के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण हार्ट अटैक, स्ट्रोक और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  • रात के समय भी खतरा: आम तौर पर ओजोन को दिन का प्रदूषक माना जाता था, लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों में यह रात के समय भी खतरनाक स्तर पर बनी रहती है, जो इंसानी सेहत के लिए एक नया और बड़ा जोखिम है।

Ground Level Ozone Pollution India कृषि संकट: गेहूं की पैदावार में 15% तक गिरावट की आशंका

यह प्रदूषण सिर्फ इंसानों की सेहत ही नहीं बिगाड़ रहा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण के लिए भी काल बन रहा है। ओजोन गैस पौधों में होने वाली प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) की प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित कर देती है, जिससे फसलों का विकास रुक जाता है।

  • फसलों को नुकसान: सीएसई के विशेषज्ञों का अनुमान है कि हवा में बढ़ रहा ओजोन का यह स्तर भारत में हर साल गेहूं की कुल पैदावार को 14 से 15 प्रतिशत तक कम कर सकता है।
  • इसके अलावा, शहरी इलाकों से उठने वाली यह ओजोन हवा के रुख के साथ हिमालयी क्षेत्रों की ओर भी बढ़ रही है, जिससे वहां के स्थानीय तापमान में बढ़ोतरी और ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का खतरा पैदा हो गया है।

सीएसई की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रॉय चौधरी का कहना है कि अब समय आ गया है कि ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ के तहत सिर्फ पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य गैसों को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक प्रांतीय और क्षेत्रीय नीति (Airshed Approach) बनाई जाए।

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