BY
Yoganand Shrivastava
Ukraine Public Debt Crisis रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन की आर्थिक कमर पूरी तरह टूट चुकी है। रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ (TASS) ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन पर कर्ज का बोझ दो गुने से भी ज्यादा बढ़ चुका है। रक्षा खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी और विदेशी वित्तीय सहायता पर अत्यधिक निर्भरता के कारण यूक्रेन पर कुल कर्ज अब 208.97 बिलियन डॉलर (लगभग 19 लाख करोड़ भारतीय रुपये) के पार पहुंच गया है।
Ukraine Public Debt Crisis युद्ध के 4 सालों में दोगुना हुआ कुल कर्ज, विदेशी कर्ज 3 गुना बढ़ा
रूसी न्यूज एजेंसी ने यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि पिछले 4 वर्षों में यूक्रेन की माली हालत बेहद नाजुक हो गई है:
- कुल कर्ज में उछाल: साल 2022 में युद्ध की शुरुआत के वक्त यूक्रेन पर 97.96 बिलियन डॉलर का कर्ज था, जो अब 111.01 बिलियन डॉलर और बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर हो चुका है।
- विदेशी कर्ज में भारी बढ़ोतरी: यूक्रेन का विदेशी कर्ज 2022 के मुकाबले करीब 3 गुना बढ़ गया है। यह 57.2 बिलियन डॉलर से छलांग लगाकर 162.73 बिलियन डॉलर (लगभग 15 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच चुका है। इसमें से करीब 10 बिलियन डॉलर अकेले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का बकाया है, जबकि बाकी रकम अन्य सहयोगी देशों की है।
Ukraine Public Debt Crisis ‘हर यूक्रेनी नागरिक अब 7 लाख रुपये का कर्जदार’
यूक्रेन की घटती आबादी और बढ़ते कर्ज को लेकर भी रिपोर्ट में एक डरावना आंकड़ा सामने रखा गया है। ‘इंस्टीट्यूट फॉर डेमोग्राफी एंड सोशल स्टडीज’ के हवाले से दावा किया गया है कि युद्ध के चलते विस्थापन के बाद यूक्रेन की मौजूदा आबादी करीब 2.8 करोड़ बची है। इस आबादी के अनुपात में अगर सरकारी कर्ज को बांटा जाए, तो आज की तारीख में हर यूक्रेनी नागरिक पर करीब 7,500 डॉलर (यानी लगभग 7.13 लाख भारतीय रुपये) का व्यक्तिगत कर्ज चढ़ चुका है। पश्चिमी देशों से मिल रही सैन्य सहायता और वित्तीय अनुदान (Grants) के बावजूद यह आर्थिक खाई चौड़ी होती जा रही है।
Ukraine Public Debt Crisis अगली पीढ़ी पर असर: कर्ज उतारने में लग जाएगी आधी जिंदगी!
यूक्रेन की संसद ‘वेरखोव्ना राडा’ के सांसदों और आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि देश पर लदे इस मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकता करने में कम से कम 35 साल का लंबा वक्त लग सकता है। हालांकि, यूक्रेन अपनी अर्थव्यवस्था को वेंटिलेटर से बाहर निकालने के लिए लगातार पश्चिमी देशों के सामने हाथ फैला रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में यूरोपीय यूनियन (EU) ने यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो के एक नए लोन पैकेज का ऐलान किया है। जानकारों का मानना है कि यह फौरी राहत तो दे सकता है, लेकिन भविष्य में यूक्रेन की आने वाली पीढ़ियों के लिए यह कर्ज एक बड़ा सिरदर्द बनने वाला है।





