Report: Santosh Saravgee
Police Constable Suicide Dabra ग्वालियर जिले के डबरा सिटी थाने से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ सिटी कोतवाली में पदस्थ एक युवा पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) ने थाना परिसर के पीछे बने अपने शासकीय आवास में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले आरक्षक अपनी पत्नी से मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में थे। इस सनसनीखेज घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई और आला अधिकारियों सहित फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
Police Constable Suicide Dabra वीडियो कॉल के दौरान ही उठाया कदम, पत्नी की सूचना पर दौड़े साथी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र के निवासी राघवेंद्र तोमर डबरा सिटी थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। शुक्रवार की रात करीब 10 बजे वे अपने सरकारी क्वार्टर में अकेले थे और घर पर अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। इसी बातचीत के दौरान अज्ञात कारणों के चलते उन्होंने अचानक फांसी का फंदा तैयार कर लिया।

पति को लाइव वीडियो पर ऐसा आत्मघाती कदम उठाते देख पत्नी के होश उड़ गए। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत अपने देवर मानवेंद्र उर्फ मोनू को फोन कर इसकी जानकारी दी, जिन्होंने डबरा में साथी पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही सिटी थाने में पदस्थ साथी आरक्षक मिंटू परिहार आनन-फानन में राघवेंद्र के क्वार्टर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और राघवेंद्र का शव फंदे से लटक रहा था।
Police Constable Suicide Dabra एसडीओपी और एडिशनल एसपी पहुंचे मौके पर, फॉरेंसिक जांच शुरू
घटना की भयावहता को देखते हुए डबरा एसडीओपी (SDOP) सौरभ कुमार और एडिशनल एसपी (देहात) जयराज कुबेर दलबल के साथ आधी रात को ही मौके पर पहुंच गए। रात में ही ग्वालियर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की तकनीकी टीम को भी बुला लिया गया। शनिवार सुबह मृतक आरक्षक के परिजनों के डबरा पहुंचने के बाद, उनकी मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतारा गया और पंचनामा भरकर अनिवार्य पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए भिजवाया गया।

Police Constable Suicide Dabra अनुकंपा नियुक्ति पर आए थे राघवेंद्र, पीछे छोड़ गए दो मासूम बच्चे
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरक्षक राघवेंद्र तोमर को उनके पिता के निधन के बाद पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) मिली थी और वे पिछले करीब एक साल से डबरा थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रारंभिक तफ्तीश में पाया गया है कि राघवेंद्र ने क्वार्टर के दरवाजे के ऊपर लगे लोहे के कुंदे में रस्सी फंसाकर फंदा बनाया था। हालांकि, उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका कोई सुसाइड नोट या स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आ पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स, वीडियो कॉल की हिस्ट्री और परिजनों के बयानों सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।





