Sandipani Lok ujjain : 139 करोड़ की लागत, 5 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार होगा भव्य आध्यात्मिक कॉरिडोर, सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा प्रोजेक्ट, 9 थीम जोन व डिजिटल अनुभव भी
Pramod Shrivastav Editorial Head
Sandipani Lok ujjain : मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल लोक की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली महर्षि सांदीपनि आश्रम को ‘सांदीपनि लोक’ के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगभग 139 करोड़ रुपए की लागत से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में एक भव्य आध्यात्मिक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन विरासत के संगम से तैयार यह कॉरिडोर उज्जैन को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान देने वाला माना जा रहा है। महाकाल लोक के बाद अब सांदीपनि लोक उज्जैन की पहचान को नई ऊंचाई देगा। यह परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि देश और विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करना है। इसके बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया और भव्य आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट उज्जैन की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगा। सांदीपनि लोक का सबसे बड़ा आकर्षण 108 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की भव्य प्रतिमा होगी। यह प्रदेश की सबसे ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमाओं में शामिल होगी और दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।

Sandipani Lok ujjain : महाकाल लोक की तर्ज पर होगा विकसित
राज्य सरकार अब इस ऐतिहासिक स्थल को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने जा रही है। करीब 139 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने की योजना है। इससे उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक मजबूती मिलेगी।

Sandipani Lok ujjain : महर्षि सांदीपनि आश्रम का ऐतिहासिक महत्व
उज्जैन के मंगलनाथ रोड पर स्थित सांदीपनि आश्रम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बेहद खास है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण और उनके बड़े भाई बलराम मथुरा से यहां पहुंचे थे और महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी। यहीं उन्होंने 64 दिनों में 64 कलाएं, 16 विद्याएं, वेद, शास्त्र और पुराणों का ज्ञान प्राप्त किया था।

Sandipani Lok ujjain : 9 थीम आधारित जोन में होगा विकास, AR/VR तकनीक से मिलेगा डिजिटल अनुभव
सांदीपनि लोक को 9 अलग-अलग थीम आधारित जोन में विकसित किया जाएगा। हर जोन में श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव मिलेगा, जिसमें धर्म, इतिहास और आध्यात्म का समावेश होगा। यहां केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि एक इमर्सिव धार्मिक अनुभव भी तैयार किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की खासियत आधुनिक तकनीक का उपयोग है। यहां ऑगमेंटेड रिएलिटी (AR) और वर्चुअल रिएलिटी (VR) के जरिए श्रद्धालु श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा और उनकी शिक्षा से जुड़ी कथाएं देख और सुन सकेंगे। मल्टी-लैंग्वेज ऑडियो-विजुअल कंटेंट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

Sandipani Lok ujjain : गोमती कुंड पर लाइट एंड साउंड शो
परिसर में स्थित गोमती कुंड के पास भव्य लाइट एंड साउंड शो तैयार किया जाएगा। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, सांदीपनि आश्रम और उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा। यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। पूरे परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें स्मार्ट लाइटिंग, सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोलर एनर्जी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अग्निशमन व्यवस्था शामिल होगी। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिलेगा। इंटरएक्टिव लर्निंग जोन युवाओं को प्राचीन ज्ञान से जोड़ेगा। गोमती कुंड को नया स्वरूप मिलेगा जहां कथावाचन और ध्यान सत्र होंगे। परिसर में फूड कोर्ट, स्मारिका दुकानें और बेहतर सुविधाएं भी विकसित होंगी। महाकाल लोक के बाद सांदीपनि लोक उज्जैन को और शक्तिशाली धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाएगा। प्राचीन आस्था और आधुनिक सुविधाओं का यह अनोखा मिश्रण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। सांदीपनि लोक परियोजना का उद्देश्य श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा के गुरुकुल जीवन को आधुनिक तकनीक और भव्य स्थापत्य के माध्यम से प्रदर्शित करना है। यहां कृष्ण की शिक्षा, गुरु-शिष्य परंपरा और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। माना जाता है कि इसी सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भाई बलराम और मित्र सुदामा के साथ शिक्षा ग्रहण की थी। यही कारण है कि उज्जैन का यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

Sandipani Lok ujjain : प्रमुख आकर्षण
108 फीट ऊंची भव्य श्रीकृष्ण प्रतिमा
श्रीकृष्ण के गुरुकुल जीवन पर आधारित थीम आधारित परिसर
गुरु-शिष्य परंपरा की झलक देने वाली प्रदर्शनी
आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा
उज्जैन को नई धार्मिक पहचान देने वाला मेगा प्रोजेक्ट





