Lucknow उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुँचाने के महाअभियान ‘जल जीवन मिशन’ को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने में जुटी है। इस दिशा में राज्य सरकार का ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की इस अनूठी डिजिटल पहल के जरिए अब पानी के मुख्य स्रोत से लेकर हर ग्रामीण के घर में लगी टोटी तक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है।
Lucknow विशेष सचिव एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एसडब्ल्यूएसडी, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) श्री प्रभास कुमार ने बताया कि इस ऐप के मल्टी-लेवल डैशबोर्ड के जरिए प्रदेश के 75 जिलों की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों में चल रही करीब 40 हजार पेयजल परियोजनाओं को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य से लेकर गाँव तक का हर अपडेट मात्र एक क्लिक पर उपलब्ध है।
Lucknow जियो-टैगिंग से शुरू से अंत तक हर काम की लाइव मॉनिटरिंग
‘जल सारथी ऐप’ की सबसे बड़ी खासियत इसका पारदर्शी ट्रैकिंग सिस्टम है। जैसे ही किसी गाँव में पानी की टंकी का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने का काम या घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) पूरा होता है, उसे तुरंत जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) के जरिए ऐप पर अपडेट कर दिया जाता है। इस तकनीक की वजह से कोई भी आम नागरिक अपने या किसी अन्य गाँव में चल रहे विकास कार्यों की लाइव स्थिति देख सकता है। इसके अलावा, विभाग को भी पाइपलाइन, मोटर और टंकी जैसी सरकारी संपत्तियों के रखरखाव और संचालन में बड़ी मदद मिल रही है।
Lucknow ऑन लाइन शिकायत और संपर्क: अब दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति
इस डिजिटल व्यवस्था ने ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी को खत्म कर दिया है। अब नए नल कनेक्शन के लिए आवेदन करने या पानी की आपूर्ति में किसी भी तरह की खराबी आने पर ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। ऐप के भीतर ही स्थानीय प्लंबर, ग्राम प्रधान से लेकर जल निगम के उच्च अधिकारियों तक के मोबाइल नंबर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके साथ ही, ऐप पर सड़कों की मरम्मत का डेटा भी पारदर्शी रूप से मौजूद है; जैसे कि वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई 2 लाख किलोमीटर सड़कों में से 1.94 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य सफलता पूर्वक पूरा किया जा चुका है।
Lucknow पानी की शुद्धता जांचने वाली महिलाओं का डेटा भी हुआ ऑनलाइन
ग्रामीण इलाकों में दूषित पानी की समस्या से निपटने और शुद्ध जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ग्रामीण क्षेत्रों में फील्ड टेस्ट किट (FTK) के जरिए पानी की जांच करने का जिम्मा स्थानीय महिलाओं को दिया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन चयनित महिलाओं के नाम और विवरण भी ‘जल सारथी ऐप’ पर अपलोड किए गए हैं, ताकि ग्रामीण खुद अपने क्षेत्र की जांच टीम की पुष्टि कर सकें और पानी की शुद्धता को लेकर जवाबदेही तय की जा सके।





