Report by: Salman Malik
Haridwar: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से अवैध खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंजारेवाला जंगल और चिल्ला रेंज के पास नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग किए जाने के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संरक्षित वन क्षेत्र के बेहद करीब नियमों को नजरअंदाज कर खनन कार्य किया जा रहा है।
Haridwar: राजाजी टाइगर रिजर्व के पास चल रहा खनन
जानकारी के अनुसार यह मामला Rajaji National Park की चिल्ला रेंज के नजदीक का है। आरोप है कि पार्क की बाउंड्री से करीब 300 मीटर दूरी पर नदी क्षेत्र में भारी मशीनों और वाहनों के जरिए खनन किया जा रहा है।
वीडियो और तस्वीरों में बड़ी संख्या में वाहन नदी क्षेत्र से खनिज सामग्री निकालते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं।
Haridwar: नियमों के उल्लंघन के आरोप
वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के अनुसार राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों के आसपास खनन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लागू रहते हैं। आरोप है कि इसके बावजूद बंजारेवाला जंगल क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर खुलेआम खनन किया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस क्षेत्र से सुखरो, माण्डो और चिल्ला नदी गुजरती हैं, जहां लगातार अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।
Haridwar: ग्राम प्रधान पति और क्रेशर संचालक पर सवाल
मामले में स्थानीय ग्राम प्रधान के पति मुकेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि उनका ‘गंगोत्री क्रेशर’ नाम से स्टोन क्रेशर संचालित होता है और खनन गतिविधियों में उनकी भूमिका को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Haridwar: प्रशासन और विभागों की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासनिक लापरवाही और अवैध खनन सिंडिकेट के प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्र के इतने करीब खनन होने से वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Haridwar: कार्रवाई को लेकर लोगों की नजर
वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर शासन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अगर संरक्षित क्षेत्र के नजदीक इस तरह खनन हो रहा था तो वन विभाग और जिला प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और लोग जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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