Gold Import Duty Hike: केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले के बाद घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। बुधवार को जारी आदेश के बाद 13 मई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना करीब 10 हजार रुपए और चांदी लगभग 18 हजार रुपए महंगी हो गई।
नए बदलाव के बाद 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.63 लाख रुपए तक पहुंच गई, जबकि 1 किलो चांदी का भाव करीब 2.97 लाख रुपए दर्ज किया गया। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है।
Gold Import Duty Hike: सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी
सरकार ने सोने पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15 प्रतिशत हो गया है।
पिछले साल 2024 के बजट में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी थी। अब सरकार ने इसे फिर बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, डॉलर पर दबाव और विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
Gold Import Duty Hike: सोना-चांदी की कीमतों में क्यों आया बड़ा उछाल
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद विदेश से आने वाले सोने और चांदी की लागत बढ़ गई है। जब आयात महंगा होता है, तो इसका सीधा असर घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ता है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, नई ड्यूटी लागू होने के बाद व्यापारियों और निवेशकों ने तुरंत कीमतों में बदलाव करना शुरू कर दिया। इसी वजह से MCX पर सोने और चांदी के भाव में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Gold Import Duty Hike: टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ने की आशंका
ज्वेलरी और बुलियन इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने इस फैसले को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि ज्यादा टैक्स से तस्करी बढ़ सकती है।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि जब पहले सरकार ने ड्यूटी घटाई थी, तब सोने की स्मगलिंग में कमी आई थी। अब दोबारा टैक्स बढ़ने से अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
India Bullion and Jewellers Association के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार चालू खाता घाटा नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठा रही है। हालांकि पहले से ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।
Gold Import Duty Hike: नया टैक्स स्ट्रक्चर क्या है
हाल के दिनों में सरकार ने सोना-चांदी के आयात पर 3 प्रतिशत IGST से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया था। इसके बाद अब इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है। इस फैसले के बाद बैंकों और आयातकों की लागत काफी बढ़ गई है। अब विदेश से सोना मंगाना पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा हो गया है।
Gold Import Duty Hike: बैंकों के लिए बढ़ी परेशानी
नई व्यवस्था के तहत बैंकों को सोना आयात करते ही तुरंत 3 प्रतिशत IGST चुकाना पड़ रहा है। पहले बैंक ‘बॉन्डेड वेयरहाउस’ सुविधा के जरिए यह टैक्स बाद में जमा करते थे। अब एडवांस टैक्स भुगतान की वजह से बैंकों की बड़ी रकम फंस रही है, जिससे कैश फ्लो पर दबाव बढ़ गया है। इसी कारण कई बैंकों ने फिलहाल सोने का आयात सीमित कर दिया है।
आयात में भारी गिरावट की संभावना
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल महीने में भारत का सोना आयात करीब 15 टन रहने का अनुमान है। कोविड काल को छोड़ दें तो यह पिछले तीन दशकों में किसी भी महीने का सबसे कम आयात माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची कीमतों और टैक्स नियमों के कारण थोक व्यापारी कम खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
Gold Import Duty Hike: आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
नई ड्यूटी का सबसे बड़ा असर आम खरीदारों पर पड़ेगा। सोने की कीमत बढ़ने से शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान ज्वेलरी खरीदना महंगा हो जाएगा।
यदि बाजार में सप्लाई कम होती है, तो आने वाले समय में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। इससे निवेश और उपभोक्ता मांग दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
Gold Import Duty Hike: अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि आयात कम होने से देश का व्यापार घाटा नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और रुपए को भी सहारा मिल सकता है।
हाल ही में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था। ऐसे में सरकार इस फैसले को लंबे समय में अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
Gold Import Duty Hike: पीएम मोदी ने भी की थी सोना खरीद कम करने की अपील
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में लगातार दो दिनों तक लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी।उन्होंने कहा था कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए देशवासियों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि देशहित में अनावश्यक सोना खरीदने से बचना चाहिए ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।
Gold Import Duty Hike: IGST नियमों में बदलाव से क्या हुआ असर
सरकार के नए नियमों के तहत अब बैंकों को सोना आयात करते ही तुरंत IGST जमा करना पड़ रहा है। पहले यह सुविधा बाद में भुगतान की थी, जिससे कारोबारियों पर तत्काल दबाव नहीं पड़ता था।
अब करोड़ों रुपए टैक्स के रूप में एडवांस जमा होने से बैंकों की कार्यशील पूंजी प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि कई वित्तीय संस्थानों ने फिलहाल सोने का आयात धीमा कर दिया है।





