CM Convoy Decision : मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी की अपील पर बड़ा फैसला लेते हुए अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम को सादगी और राष्ट्रहित से जोड़कर देखा जा रहा है।

CM Convoy Decision : मुख्यमंत्री के दौरे में नहीं होगी वाहन रैली
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि उनके दौरे के दौरान अब किसी प्रकार की वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी आदेश तक उनके कारकेड में केवल सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक न्यूनतम वाहन ही शामिल रहेंगे।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और यह फैसला उसी दिशा में उठाया गया कदम है।
CM Convoy Decision : मंत्रियों से भी कम वाहन इस्तेमाल करने की अपील
सीएम डॉ. यादव ने राज्य के सभी मंत्रियों से भी यात्रा के दौरान कम से कम वाहनों का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए और संसाधनों के संरक्षण में योगदान देना चाहिए।इसके साथ ही नव नियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारियों से भी सादगी के साथ कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। कार्यभार ग्रहण समारोह में वाहन रैली या अनावश्यक दिखावा नहीं किया जाएगा।
CM Convoy Decision : राष्ट्रहित में लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की गई थी, जिसे मध्यप्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ लागू करेगी।उन्होंने प्रदेशवासियों से भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ईंधन बचाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
CM Convoy Decision : राज्य शासन ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
राज्य शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों की जगह केवल 8 वाहन ही शामिल होंगे।इसके अलावा मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्रियों को भी यात्रा में न्यूनतम वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
CM Convoy Decision : सादगी और ईंधन बचत पर सरकार का जोर
सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक सादगी का संदेश भी जाएगा। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की जा रही है।

