संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena एक 9 साल की मासूम बच्ची की ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसे सुनकर हर किसी की आँखें नम हो जाएं। 3 साल पहले जिस माँ ने अपनी जिगर के टुकड़े को एक अनजान महिला के घर छोड़ दिया था, आज उसी बच्ची को उसके असली माता-पिता से मिलाने के लिए पुलिस गलियों और मोहल्लों की खाक छान रही है। कोर्ट की फटकार के बाद जागी धौलपुर पुलिस मासूम को लेकर मुरैना पहुँची, ताकि उसकी पहचान की जा सके।

Morena ढाई साल बाद जागी पुलिस, मुरैना की गलियों में तलाश
धौलपुर पुलिस के एएसआई गोपाल सिंह बीते रोज 9 वर्षीय ‘रानी’ (परिवर्तित नाम) को लेकर मुरैना के कोतवाली थाने पहुँचे। जानकारी के अनुसार, करीब ढाई साल पहले चाइल्ड हेल्प लाइन ने इस बच्ची को बाड़ी (धौलपुर) से बरामद कर बालिका गृह भेजा था। लंबे समय तक मामला ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन हाल ही में कोर्ट द्वारा सख्ती दिखाए जाने के बाद पुलिस ने बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू की।
Morena पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह मूलतः मुरैना की रहने वाली है और 3 साल पहले उसकी माँ ‘रेशमा’ उसे बाड़ी में एक महिला के घर छोड़ गई थी। हालांकि, कम उम्र होने के कारण बच्ची को मुरैना के अपने घर का पता याद नहीं है। पुलिस उसे लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मेला परिसर और निचली बस्तियों में भटकती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

Morena माँ ने छोड़ा या बेचा? मानव तस्करी का अंदेशा
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है जिसे लेकर पुलिस भी संशय में है। क्या एक माँ अपनी मासूम बच्ची को किसी अजनबी के पास यूँ ही छोड़ सकती है, या इसके पीछे ‘मानव तस्करी’ का कोई काला खेल है? पुलिस को अंदेशा है कि बच्ची को किसी लालच में बेचा भी गया हो सकता है। कोई भी माँ अपने बच्चे को इस तरह अनजान हाथों में नहीं सौंपती, यही वजह है कि पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से जाँच रही है।
Morena खाली हाथ लौटी पुलिस, फिर बालिका गृह भेजी गई मासूम
दिन भर मुरैना और बानमोर कस्बे के चक्कर लगाने के बाद भी जब बच्ची के माता-पिता का कोई पता नहीं चला, तो धौलपुर पुलिस उसे वापस अपने साथ बालिका गृह ले गई है। पुलिस अब मुरैना और आसपास के जिलों के पुराने गुमशुदगी रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि मासूम को उसका परिवार मिल सके।
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