Report by: Suman
Kota Hospital Case: Kota में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव Gayatri Rathore सोमवार शाम को कोटा पहुंचीं और न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती प्रसूताओं का हालचाल जाना।
उन्होंने अस्पताल की उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Kota Hospital Case: आईसीयू में भर्ती प्रसूताओं से की मुलाकात
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती प्रसूताओं पिंकी, धन्नी बाई और आरती के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली और परिजनों को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट Dhananjay Agrawal की निगरानी में उपचार किया जा रहा है और इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी।
Kota Hospital Case: प्रसूता रागिनी की हालत में सुधार
गायत्री राठौड़ ने आईसीयू में भर्ती प्रसूता रागिनी मीणा से भी बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों के अनुसार रागिनी की स्थिति में पहले से काफी सुधार हुआ है।
मेडिकल कॉलेज कोटा के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर Vikas Khandelia ने प्रसूताओं के इलाज और स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
Kota Hospital Case: नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती मरीजों का भी जाना हाल
प्रमुख शासन सचिव ने नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती प्रसूताओं चंद्रकला और सुशीला से भी मुलाकात की। परिजनों ने बताया कि दोनों की स्थिति पहले से बेहतर है और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जयपुर और कोटा के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की मॉनिटरिंग कर रही है।
Kota Hospital Case: उच्च स्तरीय बैठक में दिए सख्त निर्देश
अस्पताल निरीक्षण के बाद गायत्री राठौड़ ने न्यू मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों के साथ पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और अन्य संवेदनशील इकाइयों में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
Kota Hospital Case: संक्रमण मुक्त ऑपरेशन थिएटर पर जोर
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और आपातकालीन इकाइयों में नियमित स्टरलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि संक्रमण फैलने की संभावना न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि उपचार में उपयोग होने वाले उपकरणों और मशीनों का भी प्रोटोकॉल के अनुसार स्टरलाइजेशन किया जाना जरूरी है।
Kota Hospital Case: लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड को जिम्मेदार माना जाएगा।
Kota Hospital Case: वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और आपातकालीन इकाइयों जैसे संवेदनशील स्थानों पर वरिष्ठ डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
साथ ही चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने और मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।
Kota Hospital Case: बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान जिला कलेक्टर Piyush Samaria, शहर पुलिस अधीक्षक Tejaswini Gautam, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त T Subhamangala, निदेशक जनस्वास्थ्य Ravi Prakash Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
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