Bhopal मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने अन्नदाताओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए भूमि अधिग्रहण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होने वाले ‘फैक्टर’ को 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया है। सरकार के इस कदम से अब किसानों को उनकी जमीन के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि दोगुनी हो जाएगी, जिससे प्रदेश के हजारों किसान परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।

Bhopal अब बाजार दर से मिलेगा 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद किसानों को अपनी कृषि भूमि देने पर बाजार मूल्य (कलेक्टर गाइडलाइन) से 4 गुना अधिक मुआवजा प्राप्त होगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से किसान न केवल समृद्ध होंगे, बल्कि वे अधिग्रहण के बाद मिलने वाली राशि से आसानी से नई कृषि भूमि खरीदने में सक्षम होंगे। यह फैसला सिंचाई परियोजनाओं, नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीनों पर लागू होगा।

Bhopal 24 अप्रैल 2026 तक के लंबित मामलों को मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया प्रावधान उन सभी भूमि अधिग्रहण मामलों पर प्रभावी होगा, जिनमें 24 अप्रैल 2026 तक अंतिम अवॉर्ड पारित नहीं किया गया है। यानी, जिन परियोजनाओं की प्रक्रिया अभी चल रही है और जिनका मुआवजा तय होना बाकी है, उन सभी किसानों को इस बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे, जिससे भू-अर्जन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।

Bhopal उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर लगी मुहर
यह ऐतिहासिक बदलाव हवा-हवाई नहीं है, बल्कि एक विस्तृत अध्ययन का परिणाम है। राज्य सरकार ने इसके लिए मंत्रियों (तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य कश्यप) की एक विशेष उप-समिति गठित की थी। इस समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का बारीकी से अध्ययन किया और किसान संगठनों सहित क्रेडाई, सीआईआई (CII) एवं फिक्की (FICCI) जैसे औद्योगिक निकायों से चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को विकास में सक्रिय भागीदार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।





