Report: Aarun kumar
Gorakhpur मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ ही “स्वच्छ स्कूल अभियान” के पोस्टर और टूलकिट का भी विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर को आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने के संकल्प को दोहराया।
Gorakhpur कचरे के साम्राज्य से ‘राप्ती रिवरफ्रंट इको पार्क’ तक का सफर
इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण राप्ती रिवरफ्रंट इको पार्क रहा। यह पार्क उस स्थान पर विकसित किया गया है जहाँ पहले कभी कूड़े के ऊंचे पहाड़, मृत पशुओं के अवशेष और जहरीला धुआं फैला रहता था। बदबू और बीमारियों के केंद्र बन चुके इस बदहाल क्षेत्र को अब एक सुंदर और हरित पर्यटन स्थल में बदल दिया गया है, जो शहर की नई पहचान बन रहा है।
Gorakhpur बुनियादी ढांचे का विस्तार: जाम और जलभराव से मिलेगी मुक्ति
लोकार्पित परियोजनाओं में नौसड़-मलौनी मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रमुख है। इसके अलावा, शहर की सड़कों के नवीनीकरण, पेयजल आपूर्ति में सुधार, आधुनिक सीवरेज सिस्टम और जल निकासी की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। इन कार्यों के पूर्ण होने से गोरखपुर के निवासियों को ट्रैफिक जाम और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की पुरानी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।
Gorakhpur स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने “स्वच्छ स्कूल अभियान” के माध्यम से स्वच्छता के संस्कार बच्चों में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब बचपन से ही सफाई की आदत बनेगी, तभी एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और शहर को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया गया है।
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