BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बंगाल के चुनावी माहौल में आ रहे बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सालों से जिस जनता की आवाज को दबाया गया था, वह अब भय मुक्त होकर बाहर निकल रही है। पीएम ने चुनाव आयोग को बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से बधाई दी।

New Delhi ‘झालमुड़ी’ तंज और टीएमसी पर प्रहार
पीएम मोदी ने हालिया चर्चाओं का हवाला देते हुए मजाकिया लहजे में टीएमसी पर तंज कसा। उन्होंने कहा:

“झालमुड़ी मैंने खाई… लेकिन झाल (मिर्च) टीएमसी को लगी है।”
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी के विधायकों, मंत्रियों और उनके ‘सिंडिकेट’ के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने विश्वास जताया कि 4 मई को जब चुनाव परिणाम आएंगे, तो बंगाल में भाजपा की विजय का जश्न मनेगा और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी।

New Delhi भय बनाम भरोसा: जनता का नेतृत्व
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में यह पहला चुनाव है जिसमें हिंसा कम से कम हुई है। उन्होंने कहा:
- भय का अंत: पहले बंगाल में गुंडाराज चलता था और हत्याओं को आत्महत्या करार दे दिया जाता था, लेकिन अब जनता भय से बाहर आ रही है।
- जनता का चुनाव: यह चुनाव कोई नेता या दल नहीं, बल्कि बंगाल की ‘जनता जनार्दन’ लड़ रही है। किसान, डॉक्टर, वकील, पुलिस और शिक्षक—सभी टीएमसी के सिंडिकेट और भय से मुक्ति के लिए वोट कर रहे हैं।
New Delhi 15 साल का ‘लूट का मॉडल’
प्रधानमंत्री ने टीएमसी के 15 वर्षों के शासन की पहचान ‘झूठ और धोखा’ बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका स्तर पर भ्रष्टाचार और लूट का एक मॉडल खड़ा किया गया है, जिससे शहरों की हालत बदतर हो गई है।
- वोटर टर्नआउट: पीएम ने कहा कि बंगाल में मतदाताओं की भारी भागीदारी यह संकेत दे रही है कि हवा भाजपा के पक्ष में बदल चुकी है। जहाँ भी मतदान अधिक हुआ है, वहाँ भाजपा की जीत सुनिश्चित है।





