महिला आरक्षण पर संसद में बहस तेज
Vijay Nandan डिजिटल एडिटर
ParliamentLIVE : नई दिल्ली: संसद का विशेष सत्र जारी है और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच राज्यसभा में हरिवंश को तीसरी बार उपसभापति चुना गया, जिस पर प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेताओं ने उन्हें बधाई दी।

ParliamentLIVE : राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने पर हरिवंश को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बधाई दी
इस अवसर पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में उपाध्यक्ष के पद को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि लोकसभा में अब तक डिप्टी स्पीकर का न होना बेहद दुखद है और यह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है.

ParliamentLIVE : पीएम मोदी ने हरिवंश के अमेरिका दौरे की कहानी शेयर की
पीएम मोदी ने राज्यसभा में नवनियुक्त उपसभापति हरिवंश से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग सुनाया। पीएम मोदी ने बताया कि 1994 में अपने पहले अमेरिका दौरे के दौरान हरिवंश अपने तय कार्यक्रम से अलग उन विश्वविद्यालयों में गए थे, जहां से पढ़े हुए युवाओं ने अमेरिका को विकसित देश बनाने में अहम भूमिका निभाई. प्रधानमंत्री ने इसे हरिवंश की दूरदर्शिता और सीखने की प्रवृत्ति का उदाहरण बताया.

ParliamentLIVE : हरिवंशजी के अनुभव का सदन को लाभ मिला है: पीएम मोदी
हरिवंश को लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति नियुक्त किया गया। उनके पुनर्निर्वाचन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में उन्हें बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरिवंश का जन्म जेपी (जयप्रकाश नारायण) के गांव में हुआ है और उनका सार्वजनिक जीवन उनके मूल्यों को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना, सदन के उनके प्रति गहरे विश्वास का प्रमाण है.
पीएम मोदी ने कहा, ‘यह अपने आप में आपके अनुभव का सम्मान है, आपकी सहज कार्यशैली की स्वीकृति है. बीते वर्षों में सदन को आपके अनुभव का लाभ मिला है और सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयासों पर आज सदन ने मोहर लगाई है.’ उन्होंने आगे कहा कि हरिवंश के नेतृत्व में राज्यसभा की भूमिका को अधिक प्रभावी होते सभी सदस्यों ने देखा है. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी कार्यकाल में भी वे सदन की गरिमा और कार्यकुशलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.
ParliamentLIVE : महिला आरक्षण पर जारी सियासी घमासान
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार को देर रात तक तीखी बहस चली। सत्ता पक्ष ने सभी दलों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की है, जबकि विपक्ष इसकी प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल उठा रहा है। आज शाम इस मुद्दे पर मतदान भी प्रस्तावित है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ने के आसार हैं।
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा कानून औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, इसके लागू होने के समय को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि पहले इसे 2029 से लागू करने की चर्चा चल रही थी।
Parliament LIVE : सरकार की अपील और विपक्ष के सवाल
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बेहद अहम है और सभी दलों को इसे समर्थन देना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इससे किसी भी राज्य के हित प्रभावित नहीं होंगे।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल ने सरकार से संशोधन वापस लेने और इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उनका आरोप है कि सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
Parliament LIVE : विपक्ष का आरोप- राजनीतिक रणनीति का हिस्सा
कांग्रेस के एक अन्य नेता इमरान मसूद ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर माहौल बनाया जा रहा है और इसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि विपक्ष को गलत तरीके से महिला विरोधी बताने की कोशिश होगी।
Parliament LIVE Updates : आगे क्या?
संसद में आज भी इस मुद्दे पर जोरदार बहस जारी रहने की संभावना है। विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की तैयारी है, जबकि सत्ता पक्ष अपने रुख को मजबूती से रखने की कोशिश करेगा।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण का मुद्दा संसद में सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। आने वाले घंटों में मतदान और बहस से तस्वीर और साफ हो सकती है।





