BY
Yoganand Shrivastava
Bihar में सत्ता परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति को लेकर चल रही अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी बैठक बुला ली है। आगामी 14 अप्रैल को पटना में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सदन के नए नेता का चयन होगा। यह निर्णय बिहार के भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Bihar नेतृत्व चयन में केंद्रीय आलाकमान की होगी अहम भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, पटना में होने वाली इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता शिरकत करेंगे। हालांकि विधायक दल के नेता का चुनाव सर्वसम्मति से करने की कोशिश होगी, लेकिन अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से ही लिया जाएगा। माना जा रहा है कि पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर दांव लगा सकती है जो सरकार के गठन और आगामी चुनावी रणनीतियों में फिट बैठ सके।
Bihar नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बदले समीकरण
यह पूरी कवायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद शुरू हुई है। उनके दिल्ली कूच करने से बिहार में मुख्यमंत्री का पद रिक्त होने की स्थिति बनी है। चूंकि भाजपा वर्तमान विधानसभा में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, इसलिए उसका अपना नेता चुनना सरकार बनाने की संवैधानिक प्रक्रिया का सबसे अनिवार्य हिस्सा है।
Bihar बिहार की सियासत में ‘नए मोड़’ की आहट
Bihar राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 14 अप्रैल की बैठक के बाद बिहार की सत्ता में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। नए नेता का चयन न केवल भाजपा की आंतरिक मजबूती को दर्शाएगा, बल्कि इससे यह भी साफ हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार का स्वरूप क्या होगा। फिलहाल कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।





