BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi भारतीय पार्श्व गायन की दुनिया की सबसे बहुमुखी और प्रभावशाली आवाजों में से एक, आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन से संगीत और कला जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई असंभव है। लता मंगेशकर के बाद मंगेशकर परिवार और भारतीय संगीत का यह दूसरा बड़ा स्तंभ आज ढह गया।
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New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “सांस्कृतिक विरासत की एक असाधारण आवाज़”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक ऐसी आवाज बताया जिसने दुनिया भर के दिलों को छुआ। पीएम ने कहा:

- असाधारण यात्रा: दशकों तक चली उनकी संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया।
- बेमिसाल चमक: चाहे वह शास्त्रीय धुनें हों या आधुनिक रचनाएं, उनकी आवाज में हमेशा एक खास चमक रही।
- प्रेरणा: वे आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
New Delhi महाराष्ट्र नेतृत्व की श्रद्धांजलि: “संगीत का दूसरा तारा लुप्त हुआ”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घड़ी को पूरे विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए दुखद बताया। उन्होंने याद किया कि आशा जी ने अपने 90वें जन्मदिन पर भी 3 घंटे का कॉन्सर्ट कर दुनिया को अपनी ऊर्जा से चौंका दिया था।

- नितिन गडकरी: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आशा जी के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को याद करते हुए उनके योगदान को पीढ़ियों तक याद रखने वाला बताया। उन्होंने ‘तीसरी मंजिल’, ‘उमराव जान’ और ‘रंगीला’ जैसे उनके कालजयी गीतों का जिक्र किया।
- उद्धव ठाकरे: शिवसेना (UBT) प्रमुख ने कहा कि लता दीदी के बाद वे संगीत जगत की सबसे मजबूत स्तंभ थीं और उनके गीत ही उन्हें अमर रखेंगे।
New Delhi देशभर के मुख्यमंत्रियों ने जताया शोक

- योगी आदित्यनाथ (UP): उन्होंने इसे कला जगत की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनकी मीठी धुनें हमेशा देशवासियों के दिलों में गूँजती रहेंगी।
- ममता बनर्जी (West Bengal): उन्होंने बांग्ला संगीत में आशा जी के विशेष योगदान को याद किया। ममता बनर्जी ने गर्व से उल्लेख किया कि 2018 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंगविभूषण’ से नवाजा था।
आशा भोसले: एक महान संगीत यात्रा पर एक नज़र
| विशेषता | विवरण |
| कुल गीत | 12,000 से अधिक |
| भाषाएं | 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाएं |
| प्रमुख सम्मान | पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार |
| विशेषता | शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप, रॉक और गजल तक में महारत |





