Report: Ankur panday
Ayodhya श्रीधाम अयोध्या की प्रतिष्ठित पीठ ‘श्री अवध बिहारी कुंज’ में सोमवार से सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलमय शुभारंभ हुआ। यह विशेष आयोजन मठ के पूर्वाचार्य श्रीमहंत रामसुखित दास फलाहारी महाराज की पांचवीं पुण्यतिथि महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। भक्ति और अध्यात्म के इस समागम में देश भर से श्रद्धालु और संत-महात्मा शामिल हो रहे हैं।
Ayodhya विधि-विधान से व्यासपीठ पूजन और कथा का प्रारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्णतः वैदिक परंपरा के अनुसार की गई। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच व्यासपीठ का पूजन और भव्य आरती संपन्न हुई। कथा के प्रथम दिन ही पांडाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरा नजर आया, जिससे पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
Ayodhya भागवत श्रवण से होता है मन का शुद्धिकरण: महामंडलेश्वर डॉ. गणेश दास
कथा व्यास और पीठाधिपति महामंडलेश्वर श्रीमहंत डॉ. गणेश दास जी महाराज ने व्यासपीठ से भागवत महापुराण की महिमा का बखान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:
“श्रीमद्भागवत कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मोक्ष का मार्ग है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के अंतःकरण की शुद्धि होती है, सारे संशय मिट जाते हैं और व्यक्ति को परम शांति की अनुभूति होती है।”
उन्होंने युवाओं और भक्तों से आह्वान किया कि वे अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर संतों के सानिध्य में सत्संग का लाभ उठाएं।
Ayodhya सात दिवसीय अनुष्ठान और आगामी कार्यक्रम
यह धार्मिक महोत्सव 30 मार्च से शुरू होकर आगामी 5 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजन की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
- दैनिक कार्यक्रम: प्रतिदिन दोपहर में साधु-संतों और अभ्यागतों के लिए विराट भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
- संध्या काल: शाम के समय महाराज श्री द्वारा अमृतमयी भागवत कथा का प्रवचन होता है।
- समापन (5 अप्रैल): समापन दिवस पर विशेष पूजन, पुण्यतिथि का मुख्य कार्यक्रम और एक विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें अयोध्या के दिग्गज संतों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।





