Bhopal प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में धर्मनगरी वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक समागम होने जा रहा है। 3 से 5 अप्रैल, 2026 तक आयोजित होने वाले इस त्रि-दिवसीय उत्सव का मुख्य आकर्षण महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का भव्य मंचन होगा।

Bhopal बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’
Bhopal उज्जैन में विश्व की पहली वैदिक घड़ी की सफलता के बाद, अब इसे देश के अन्य ज्योतिर्लिंगों तक पहुँचाया जा रहा है।
- सांस्कृतिक उपहार: इस आयोजन के दौरान सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ अर्पित की जाएगी।
- डिजिटल विस्तार: इस घड़ी का एक विशेष ऐप भी है जो विश्व की 180 भाषाओं में सटीक पंचांग और समय की जानकारी देता है। यह पहल भारतीय वैज्ञानिक धरोहर को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने का एक प्रयास है।
Bhopal महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’: कला और तकनीक का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना पर आधारित यह महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के अदम्य साहस, न्यायप्रियता और ‘विक्रम संवत्’ की वैज्ञानिकता को जीवंत करता है।

- भव्य मंचन: लगभग 1 घंटे 45 मिनट की इस प्रस्तुति में 175 से अधिक कलाकार भाग लेंगे। मंच पर रथ, घोड़े, ऊँट और पालकी का सजीव प्रयोग किया जाएगा।
- प्रमुख पात्र: मुख्य भूमिका में विक्रम सिंह चौहान और डॉ. राहत पटेल नज़र आएंगे। नाटक में ‘सिंहासन बत्तीसी’, ‘बेताल पच्चीसी’ और सम्राट के ‘नवरत्नों’ (कालिदास, वराहमिहिर आदि) की विद्वता को अत्याधुनिक ग्राफिक्स के साथ दर्शाया जाएगा।
- ऐतिहासिक सफर: यह नाटक इससे पहले दिल्ली के लाल किले सहित उज्जैन, भोपाल और हैदराबाद में हजारों दर्शकों की सराहना बटोर चुका है।
Bhopal विक्रमोत्सव: विरासत से विकास की ओर एक वैश्विक अभियान
‘विक्रमोत्सव’ अब एशिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर चुका है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड्स 2025’ से सम्मानित किया गया है।

- विविध गतिविधियाँ: वाराणसी में महानाट्य के साथ-साथ ‘आर्ष भारत’ (ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा), शिव पुराण और मध्यप्रदेश के पवित्र स्थानों पर आधारित प्रदर्शनियाँ भी लगाई जाएंगी।
- सम्राट विक्रमादित्य सम्मान: मध्यप्रदेश सरकार ने न्याय और शौर्य की इस विरासत को संजोने के लिए 1 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि वाले ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान’ की स्थापना की है, जो देश के सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक होगा।
आयोजन की मुख्य विशेषताएं एक नज़र में:
| विवरण | जानकारी |
| तिथि | 3 से 5 अप्रैल, 2026 |
| स्थान | बी.एल.डब्ल्यू. मैदान, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत |
| लेखक | पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित |
| विशेष आकर्षण | वैदिक घड़ी समर्पण, नवरत्न दरबार, 175 कलाकारों की प्रस्तुति |
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