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Bhopal राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal

Bhopal : मध्य प्रदेश विधानसभा के विधान परिषद हॉल में सोमवार को राष्ट्रकुल संसदीय संघ (India Region-6) के तत्वावधान में तीन राज्यों—मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान—के युवा विधायकों (45 वर्ष तक की आयु) का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर और वंदे मातरम के गान के साथ इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राजनीति में नैतिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्कारों और जनसेवा के समर्पण पर विशेष जोर दिया।

Bhopal “लोकतंत्र भारत का नैसर्गिक गुण, पश्चिम की देन नहीं”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत प्राचीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • प्राचीन परंपरा: भारत में मतभिन्नता का सदैव सम्मान हुआ है और शास्त्रार्थ के माध्यम से विचारों की अभिव्यक्ति की परंपरा रही है।
  • मर्यादा और समभाव: उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि राजपाट मिलने या वनवास होने, दोनों स्थितियों में ‘समभाव’ रखना ही असली नेतृत्व है।
  • वंशवाद पर प्रहार: सम्राट विक्रमादित्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सत्ता अगली पीढ़ी को सौंपने के बजाय योग्य हाथों में देने की रही है।

Bhopal जनप्रतिनिधियों के लिए ‘मैनेजमेंट गुरु’ के टिप्स

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने युवा विधायकों को सफल संसदीय करियर के लिए कुछ आवश्यक मंत्र दिए:

  • संवेदनशीलता और अध्ययन: जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना और विधायी कार्यों का गहरा अध्ययन करना अनिवार्य है।
  • तनाव प्रबंधन: राजनीति के दबाव में स्वयं को शांत रखकर कार्य करना ही कुशल व्यक्तित्व की पहचान है।
  • दलगत राजनीति से ऊपर: विकास कार्यों और समाज हित के मुद्दों पर दलगत मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना चाहिए।

Bhopal दिग्गजों का मार्गदर्शन: युवा विधायक बनेंगे ‘लोकतंत्र के सेतु’

सम्मेलन में उपस्थित अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए:

वक्ताप्रमुख मार्गदर्शन
श्री नरेन्द्र सिंह तोमर (अध्यक्ष, MP विधानसभा)युवा विधायक शासन और जनता के बीच ‘सेतु’ हैं। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में इनकी भूमिका निर्णायक होगी।
श्री वासुदेव देवनानी (अध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा)विधायक केवल चुनाव जीतने तक सीमित न रहें। सदन में सक्रिय भागीदारी, प्रश्न पूछना और अध्ययनशीलता ही उन्हें प्रभावी बनाएगी।
श्री कैलाश विजयवर्गीय (संसदीय कार्य मंत्री)सस्ती लोकप्रियता के पीछे न भागें। कार्यालय प्रबंधन के लिए सक्रिय स्टाफ रखें और डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग करें।
श्री उमंग सिंघार (नेता प्रतिपक्ष)युवाओं में राजनीति के प्रति बनी नकारात्मक धारणा को बदलना जरूरी है। क्षेत्र के लोगों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना आवश्यक है।

Bhopal डिजिटल सुधार और संसदीय नवाचार

विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने बताया कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून में संशोधन कर पंजीकरण सरल बनाया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भी शून्यकाल और प्रश्नकाल की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है ताकि पहली बार निर्वाचित विधायकों को प्राथमिकता मिल सके।

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