रिपोर्टर: सेवकराम चौबे
Khargone : मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने खरगोन जिले के कसरावद थाने में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रवीन्द्र कुमार गुरू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
Khargone केस रफा-दफा करने के बदले मांगी थी ₹20,000 की घूस
शिकायतकर्ता श्यामलाल उपाध्याय (69 वर्ष), जो भगवानपुरा के चंदावड ग्राम के निवासी और पेशे से किसान हैं, ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके विरुद्ध थाने में एक मामला दर्ज था, जिसे सुलझाने और रफा-दफा करने के बदले में एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू द्वारा ₹20,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। परेशान होकर बुजुर्ग किसान ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से मदद की गुहार लगाई।
Khargone बस स्टैंड पर बिछाया जाल, पहली किस्त लेते धराया आरोपी
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप दल का गठन किया गया। जैसे ही आरोपी एएसआई ने कसरावद बस स्टैंड पर आवेदक से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹7,000 स्वीकार किए, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
Khargone हाथ धुलवाते ही गुलाबी हुए हाथ, भ्रष्टाचार का मिला पुख्ता प्रमाण
पकड़े जाने के बाद जब लोकायुक्त टीम ने आरोपी के हाथ धुलवाए, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत के रूप में लिए गए कैमिकल युक्त नोटों का पुख्ता प्रमाण है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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