BY
Yoganand Shrivastava
Delhi देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय आज एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में कई महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इस बैठक में न केवल अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए जरूरी मानवरहित लड़ाकू विमानों (Unmanned Combat Jets) पर भी खास ध्यान केंद्रित किया गया है।

Delhi S-400 और ब्रह्मोस: अभेद्य होगी भारत की हवाई सुरक्षा
बैठक में S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम की 5 अतिरिक्त यूनिट्स की खरीद को मंजूरी मिल सकती है। भारत पहले से ही रूस से पांच स्क्वाड्रन की आपूर्ति का इंतजार कर रहा है, जिसमें से चौथी स्क्वाड्रन जल्द ही वायुसेना के बेड़े में शामिल होने वाली है। इसके साथ ही, भारतीय थलसेना के लिए 800 किलोमीटर तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के बड़े ऑर्डर पर भी मुहर लग सकती है, जो लंबी दूरी तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है।

Delhi भविष्य का युद्ध: अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और प्रोजेक्ट कुशा
भारतीय वायुसेना अपनी स्ट्राइक क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए स्वदेशी रिमोटली पाइलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (मानवरहित लड़ाकू जेट) की 4 स्क्वाड्रन्स खरीदने का प्रस्ताव रख रही है। ये ड्रोन्स बिना किसी मानवीय जोखिम के दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा, DRDO के नेतृत्व में चल रहे ‘प्रोजेक्ट कुशा’ के तहत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों पर भी चर्चा होगी, जो भारत की स्वदेशी मिसाइल रक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करेगी।

Delhi परिवहन विमान और धनुष तोपों का विस्तार
वायुसेना की लॉजिस्टिक क्षमता को बढ़ाने के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) की खरीद का प्रस्ताव भी टेबल पर है। इस बड़े टेंडर के लिए लॉकहीड मार्टिन और एम्ब्रेयर जैसी वैश्विक कंपनियां दौड़ में हैं। वहीं, थलसेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 300 स्वदेशी ‘धनुष’ होवित्जर तोपों की खरीद पर भी अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यह बैठक ‘आत्मनिर्भर भारत’ और सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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