Bhopal मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिवस की सुबह को अत्यंत आत्मीय और भावुक क्षणों के साथ मनाया। मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आईं बहनों ने “बहनों की पाती-भैया के नाम” सौंपकर अपने लाड़ले मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल बहनों का स्वागत किया, बल्कि उनके सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार के विजन को भी साझा किया।

Bhopal ‘बहनों की पाती’ में झलका विश्वास और स्नेह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को ‘आत्मीय’ बताते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा, “बहनों ने पाती के माध्यम से अपने मन के भाव, सुझाव और अनुभव साझा किए हैं। इसमें भैया के प्रति जो विश्वास और सम्मान शब्दों में पिरोया गया है, वह मुझे जनसेवा के लिए और अधिक प्रेरित करता है।”

Bhopal नारी सशक्तिकरण के लिए ₹1 लाख करोड़ का बजट और ‘जीरो टॉलरेंस’
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:

- ऐतिहासिक बजट: राज्य सरकार ने महिला कल्याण और सशक्तिकरण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट का प्रावधान किया है।
- सुरक्षा सर्वोपरि: महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता: अब प्रदेश की बहनें केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारखानों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। सरकार महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है।
Bhopal जल्द आयोजित होगी ‘विशेष पंचायत’
मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री निवास में ‘बहनों से संवाद’ के लिए एक विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें सीधे संवाद के जरिए महिलाओं की समस्याओं का निराकरण और उनके सुझावों पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बहनों से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें ताकि हर पात्र महिला आत्मनिर्भर बन सके।
संबोधन की मुख्य बातें:
“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में बहनों का कल्याण ‘मिशन मोड’ पर जारी है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री





