BY
Yoganand Shrivastava
Sikkim सिक्किम के वन एवं पर्यावरण विभाग ने सरकारी कामकाज की गंभीरता को बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने शुक्रवार को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा रील बनाने और व्यक्तिगत सोशल मीडिया पोस्ट करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार का मानना है कि इससे कार्यालयीन समय में काम के प्रति समर्पण और पेशेवर आचरण बना रहेगा।
Sikkim प्रोफेशनल कंडक्ट: काम के घंटों में मनोरंजन की मनाही
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) प्रदीप कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब वन विभाग का कोई भी कर्मचारी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के लिए व्यक्तिगत सामग्री (Content) न तो बना सकेगा और न ही उसे साझा कर पाएगा। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी अपनी ऊर्जा और समय पूरी तरह से सरकारी दायित्वों के निर्वहन में लगाएं।
Sikkim केवल आधिकारिक जागरूकता कार्यों को मिली छूट
हालांकि, विभाग ने इस प्रतिबंध में एक तकनीकी ढील भी दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी वानिकी, पर्यावरण संरक्षण या वन्यजीवों से जुड़ी जागरूकता के लिए डिजिटल सामग्री तैयार करता है, तो उसे अनुमति दी जाएगी। शर्त यह है कि ऐसी सामग्री का उद्देश्य पूरी तरह से आधिकारिक और जनहित से जुड़ा होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत प्रसिद्धि के लिए।
Sikkim डिजिटल लत पर लगाम लगाने की कवायद
सिक्किम में पुलिस विभाग के बाद अब वन विभाग ऐसा दूसरा बड़ा विभाग है जिसने इस तरह का सख्त रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन और शॉर्ट-वीडियो (Instagram Reels, YouTube Shorts) की बढ़ती लत सरकारी कामकाज को प्रभावित कर रही है। 15-30 सेकंड के वीडियो बनाने के चक्कर में अक्सर कर्मचारी अपनी मर्यादा और समय, दोनों भूल रहे हैं, जिसे रोकने के लिए यह ‘डिजिटल अनुशासन’ अनिवार्य हो गया था।
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