संवाददाता: संतोष सराबगी
Bhitarwar ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील में स्थित ‘विवेक छात्रावास’ (विमुक्त जाति छात्रावास) इन दिनों सरकारी उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। पिछली सरकार के समय बने ये छात्रावास आज खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। छात्रावास प्रभारी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विमुक्त जाति के छात्रों के साथ “सौतेला व्यवहार” किया जा रहा है, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में है।

Bhitarwar जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं का अभाव
छात्रावास प्रभारी के अनुसार, भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ रहना जोखिम भरा है। मेंटेनेंस के लिए लंबे समय से कोई राशि जारी नहीं की गई है।

- रुकी हुई छात्रवृत्ति: छात्रों को मिलने वाली शिक्षा छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) भी महीनों से अटकी हुई है, जिससे गरीब बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- पत्र व्यवहार का कोई जवाब नहीं: प्रभारी ने बताया कि उन्होंने कई बार आला अधिकारियों को लिखित में शिकायत की और पत्र भेजे, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
Bhitarwar “हर बार मिलता है सिर्फ कोरा आश्वासन”
स्वदेश की टीम से अपनी आपबीती साझा करते हुए प्रभारी ने बताया, “जब भी हम अधिकारियों के पास जाते हैं, तो यही कह दिया जाता है कि इस बार पक्का मेंटेनेंस और छात्रवृत्ति मिल जाएगी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। प्रशासन का हमारे प्रति रवैया पूरी तरह से उपेक्षापूर्ण और दुर्व्यवहार जैसा है।”

Bhitarwar अभिभावकों की चिंता और प्रशासन की चुप्पी
छात्रावास की बदहाली को देखते हुए बच्चों के माता-पिता ने भी कई बार पत्र लिखे और अपनी चिंता जताई, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूटी। प्रभारी ने सवाल उठाया है कि:
- आखिर विमुक्त जाति के छात्रावासों को शासन की योजनाओं का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा?
- क्या इन जातियों के विकास के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं?
- आखिर प्रशासन इस छात्रावास के साथ दुर्व्यवहार क्यों कर रहा है?
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