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Dabra: HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 बच्चियों की तबीयत बिगड़ी; परिजनों ने लगाया लालच देकर टीका लगवाने का आरोप, CMHO ने नकारा

Dabra

Report: Arvind Chouhan

Dabra ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाए जाने वाले HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पिछोर के बारकरी जिगनिया गांव की पांच बच्चियों को वैक्सीन लगने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर डबरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर धोखे से टीका लगाने और गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन दावों को निराधार बताया है।

Dabra परिजनों का गंभीर आरोप: “पैसे और शादी में मदद का दिया लालच”

बीमार बच्चियों के अभिभावकों का आरोप है कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चियों को बिना पूरी जानकारी दिए घर से ले गए थे। परिजनों का दावा है कि कार्यकर्ताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि टीका लगवाने पर 50 हजार रुपये मिलेंगे और भविष्य में बच्चियों की शादी में भी सरकारी मदद दी जाएगी।

परिजनों के अनुसार, रविवार को टीका लगने के बाद घर पहुँचते ही बच्चियों को तेज बुखार, लगातार उल्टियां और शरीर में असहनीय दर्द की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

Dabra CMHO की सफाई: “वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, आरोप निराधार”

Dabra इस मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने सख्त रुख अपनाते हुए परिजनों के आरोपों को खारिज कर दिया है।

  • देरी से भर्ती: CMHO का कहना है कि वैक्सीन रविवार को लगी थी और बच्चियों को मंगलवार को अस्पताल लाया गया। यदि वैक्सीन का तात्कालिक साइड इफेक्ट होता, तो वह कुछ ही घंटों में नजर आ जाता।
  • निःशुल्क सुरक्षा: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले यह वैक्सीन सशुल्क (Paid) थी, लेकिन अब सरकार इसे निःशुल्क लगा रही है ताकि कैंसर के खतरे को कम किया जा सके।
  • जांच के आदेश: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि HPV वैक्सीन के कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं हैं, फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

Dabra अस्पताल में स्थिति और प्रशासनिक हलचल

वर्तमान में पाँचों बच्चियों का इलाज डबरा सिविल अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या बच्चियों को पहले से कोई अन्य संक्रमण था या यह महज एक इत्तेफाक है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना के बाद टीकाकरण अभियान को लेकर संशय का माहौल है।

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