BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है। इस गौरवशाली अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की समस्त नारी शक्ति को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। दोनों शीर्ष नेताओं ने आधुनिक भारत के निर्माण में महिलाओं की अद्वितीय भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें एक सशक्त और विकसित राष्ट्र का सबसे मजबूत स्तंभ करार दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: सशक्त महिलाएं ही हैं समावेशी समाज की नींव
New Delhi राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं किसी भी प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की ‘नारी शक्ति’ न केवल हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है, बल्कि साहस के साथ नेतृत्व भी कर रही है। राष्ट्रपति ने एक ऐसे वातावरण के निर्माण का आह्वान किया जहाँ हर महिला को सुरक्षा, गरिमा और स्वतंत्रता के साथ अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के समान अवसर प्राप्त हों।
प्रधानमंत्री मोदी का विजन: विकसित भारत के संकल्प में महिलाओं की अग्रणी भूमिका
New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति की उपलब्धियों को राष्ट्र के लिए गर्व का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं का योगदान उनके दृढ़ संकल्प और रचनात्मकता का जीवंत प्रमाण है। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के मूल में महिला सशक्तिकरण ही है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ‘विकसित भारत’ के हमारे सामूहिक संकल्प को सिद्ध करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राष्ट्र निर्माण में परिवर्तनकारी योगदान का सम्मान
New Delhi दोनों नेताओं ने इस बात को दोहराया कि भारत की विकास यात्रा अब महिलाओं के नेतृत्व वाली विकास (Women-led Development) की ओर मजबूती से बढ़ रही है। जहाँ राष्ट्रपति ने समाज में न्याय और समानता की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं प्रधानमंत्री ने भविष्य के अवसरों को सृजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि महिलाओं की उन बाधाओं को तोड़ने की शक्ति को सम्मान देने का है, जिन्होंने एक अधिक समृद्ध और न्यायसंगत भविष्य की नींव रखी है।





