Report: sanjeev kumar
Bokaro लौह नगरी बोकारो में आज रंगों के महापर्व होली का आगाज ‘होलिका दहन’ के साथ होने जा रहा है। शहर के व्यस्त चौराहों से लेकर गांवों की गलियों तक परंपरा और उत्साह का संगम देखने को मिल रहा है। दो दिन पहले से ही लोग इस उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं, जो आज आधी रात को शुभ मुहूर्त में संपन्न होगी।
तैयारियां जोरों पर: लकड़ियों और उपलों के साथ सजे चौक-चौराहे
Bokaro होलिका दहन को लेकर पूरे जिले में भारी उत्साह है। युवाओं और बच्चों की टोलियों ने पिछले कई दिनों से सूखी लकड़ियां, उपले (कंडे) और अन्य पूजन सामग्री एकत्रित कर जगह-जगह ‘होलिका’ सजाई है। घरों में महिलाएं पकवानों की तैयारी के साथ-साथ पूजा की थाली तैयार कर रही हैं। बोकारो स्टील सिटी के विभिन्न सेक्टरों के पार्कों और सामुदायिक केंद्रों पर सामूहिक दहन की भव्य व्यवस्था की गई है।
भक्त प्रह्लाद की जीत और धार्मिक महत्व
Bokaro धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पंडितों और विद्वानों का कहना है कि इसी दिन भक्त प्रह्लाद को अग्नि में लेकर बैठने वाली होलिका स्वयं भस्म हो गई थी, जबकि भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यह दिन हमें यह संदेश देता है कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने वालों की हमेशा रक्षा होती है।
शुभ मुहूर्त में होगा दहन, सुख-समृद्धि की होगी कामना
Bokaro ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज आधी रात को विशिष्ट शुभ मुहूर्त में होलिका प्रज्ज्वलित की जाएगी। इस अवसर पर श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर नई फसलों की बालियों और कपूर के साथ आहुति देंगे। होलिका की परिक्रमा करते हुए परिवार की आरोग्य, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी। आज के इस पावन अनुष्ठान के बाद कल पूरा जिला रंगों और गुलाल की मस्ती में सराबोर नजर आएगा।
Read this: Nawada : वायुसेना के जांबाज संजय कुमार को नम आंखों से विदाई, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार





