रिपोर्ट: अम्बर कलश
Dhanbad (झारखंड): अग्नि प्रभावित और भू-धसान क्षेत्रों से विस्थापित होकर बेलगड़िया टाउनशिप में बसे परिवारों के लिए खुशहाली की एक नई राह खुली है। जिला प्रशासन ने यहाँ की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए टाउनशिप के फेज-5 में झारशिल्प केंद्र (हस्तशिल्प केंद्र) की भव्य शुरुआत की है। इस केंद्र के माध्यम से महिलाएं अब न केवल हुनरमंद बनेंगी, बल्कि अपने उत्पादों से बाजार में अपनी नई पहचान भी बनाएंगी।
आईआईटी आईएसएम के सहयोग से प्रशिक्षण और रोजगार
Dhanbad यह हस्तशिल्प केंद्र एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन का एक एक्सटेंशन सेंटर है। यहाँ महिलाओं को बाँस और जूट जैसे पारंपरिक संसाधनों से बेहतरीन कलाकृतियां और उत्पाद बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने दीप प्रज्वलित कर इस पहल की सराहना की और कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बाजार से जुड़ाव: हुनर को मिलेगा सही मोल
Dhanbad झारशिल्प केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ केवल कौशल विकास ही नहीं, बल्कि उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था भी की गई है। आईआईटी (आईएसएम) के उप निदेशक प्रो. धीरज कुमार और फाउंडेशन की सीईओ डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को पैकेजिंग और मार्केटिंग के गुण सिखाए जाएंगे, ताकि उनके द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प को बड़े बाजारों से जोड़कर उचित दाम दिलाया जा सके।
विस्थापित परिवारों के जीवन में नई उम्मीद
Dhanbad बेलगड़िया टाउनशिप में रह रहे हजारों विस्थापितों के लिए रोजगार एक बड़ी चुनौती रही है। जिला प्रशासन के इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खुलेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में झरिया मास्टर प्लान के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की उपस्थिति ने इस बदलाव की गूंज को और स्पष्ट कर दिया। बेलगड़िया की महिलाओं के चेहरों पर अब अपने भविष्य को लेकर एक नया आत्मविश्वास और उम्मीद दिखाई दे रही है।
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