by: vijay nandan
Delhi Riots 2020: नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों आरोपी अगले एक साल तक दोबारा जमानत के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे, हालांकि इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है।
शरजील इमाम 28 जनवरी 2020 से जबकि उमर खालिद 13 सितंबर 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पर दंगों की साजिश में केंद्रीय भूमिका निभाने के आरोप हैं।

Delhi Riots 2020: कोर्ट का तर्क: भूमिका अन्य आरोपियों से अलग
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका अन्य आरोपियों की तुलना में अधिक गंभीर और केंद्रीय प्रतीत होती है। लंबी हिरासत के बावजूद उनकी कस्टडी न तो संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करती है और न ही UAPA के प्रावधानों को कमजोर करती है।
अदालत ने यह भी कहा कि ट्रायल से पहले जेल को सजा नहीं माना जा सकता, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल देरी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।
Delhi Riots 2020: पांच आरोपियों को सशर्त जमानत
गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, मोहम्मद सलीम खान, शादाब अहमद और शिफा-उर-रहमान को करीब 12 शर्तों के साथ जमानत दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन पर ट्रायल कोर्ट को जमानत रद्द करने का अधिकार होगा।
Delhi Riots 2020: लंबी हिरासत पर दलीलें
आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि वे पांच साल से अधिक समय से जेल में हैं और ट्रायल शुरू होने की संभावना कम है। वहीं दिल्ली पुलिस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सुनवाई में देरी के लिए आरोपी खुद जिम्मेदार हैं और सहयोग मिलने पर ट्रायल दो साल में पूरा किया जा सकता है।
Delhi Riots 2020: पुलिस का दावा, अंतरराष्ट्रीय साजिश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, दंगे अचानक नहीं हुए बल्कि इन्हें योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस का दावा है कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए हिंसा भड़काने की योजना थी। इसके लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप और संगठनों का इस्तेमाल किया गया।
फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, 250 से अधिक लोग घायल हुए थे और 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गई थीं।





