रिपोर्ट: अभय मिश्रा
Mauganj: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र में मंगलवार रात हुई एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया है। प्रदीप शुक्ला नामक युवक की मौत को लेकर परिजन और स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन पहले थाना परिसर में शुरू हुआ और बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया, जहाँ कई घंटों तक सड़क पूरी तरह जाम रही। मृतक के परिजन इस मामले को साधारण सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या बता रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जनसैलाब, शव रखकर किया प्रदर्शन
दूसरे दिन सुबह, प्रदीप के परिजनों ने उसका शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां जुट गए और हाईवे पूरी तरह ठप्प हो गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि जब तक प्रशासन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज नहीं करेगा, तब तक सड़क नहीं खोली जाएगी। नाराज परिजन जोर देकर कह रहे थे कि प्रदीप की मौत बाइक और खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से नहीं हुई, बल्कि टक्कर के बाद उसे पीट-पीटकर मार डाला गया।
परिजन बोले—यह हत्या है, दुर्घटना बताकर मामला दबाया जा रहा
प्रदीप के परिवार का आरोप है कि मौत को सड़क हादसे का रूप देकर असल घटना को छिपाया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, प्रदीप की चोटें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि उसके साथ मारपीट हुई है। उनकी मांग है कि पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज करे और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
इसके विपरीत, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदीप की बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली से टकरा गई थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसी बीच, मामले की सटीक वजह जानने के लिए पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को निर्णायक बताया है।
कलेक्टर और एसपी पहुंचे मौके पर, भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति लगातार बिगड़ती देख जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। कलेक्टर संजय जैन और एसपी दिलीप सोनी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार के हत्या की धाराएं लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही मेडिकल रिपोर्ट आएगी, उसी के हिसाब से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के आश्वासन पर माने परिजन, खुला राष्ट्रीय राजमार्ग
कई घंटों की बातचीत, समझाइश और निष्पक्ष कार्रवाई के वादे के बाद आखिरकार परिजन शांत हुए और शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए तैयार हो गए। इसके बाद जाम हटाया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात धीरे-धीरे बहाल हो सका।
हाईवे खुलते ही राहत का माहौल बना, लेकिन घटना की सच्चाई क्या है, यह बड़ा सवाल अभी भी बाकी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुँचने की अपील की गई है।
अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर
पूरे मामले का केंद्र अब मेडिकल रिपोर्ट बन गया है। पोस्टमार्टम से ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदीप की मौत सड़क दुर्घटना से हुई या फिर उस पर हमला किया गया था। यही रिपोर्ट आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
यह घटना हनुमना क्षेत्र में कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही को फिर से चर्चा में लेकर आई है। ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि क्षेत्र में भारी वाहन और ट्रॉली अक्सर अव्यवस्थित तरीके से सड़क किनारे खड़ी रहती हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
अभी के लिए प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। प्रदीप की मौत का राज खुलने का इंतजार सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा इलाका कर रहा है।





