,

यासीन मलिक को मौत की सजा की मांग, NIA की याचिका पर सुनवाई से इस जज ने खुद को किया अलग

- Advertisement -
Ad imageAd image

ट्रायल कोर्ट ने यासीन मलिका के लिए एनआईए की मृत्युदंड की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मलिक द्वारा किए गए अपराध “आइडिया ऑफ इंडिया के हार्ट पर चोट” जरूर है लेकिन यह मामला rarest-of-rare यानी “दुर्लभतम” की कैटगरी में नहीं आता. यासीन मलिक पर जम्मू कश्मीर को बलपूर्वक भारत से अलग करने की कोशिश का आरोप है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है. मलिक वर्तमान में आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. हालांकि, गुरुवार को हाईकोर्ट के एक जज ने एनआईए की अपील वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया.दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने गुरुवार को यासीन मलिक की मृत्युदंड की एनआईए की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग करने का फैसला किया. इसके बाद मामले को जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है.

BRICS Summit 2026: भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

BRICS Summit 2026 ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अगले महीने भारत दौरे

BJP Reaction: राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, कहा- “56 की उम्र में भी बचपना नहीं गया”

BJP Reaction कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश