YouTube Career in India : नई दिल्ली। कभी वीडियो देखने और मनोरंजन का प्लेटफॉर्म माना जाने वाला YouTube अब भारत में कमाई और रोजगार का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। YouTube की 2025 India Impact Report के मुताबिक, प्लेटफॉर्म ने भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 18,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है और लगभग 10 लाख फुलटाइम नौकरियों के बराबर रोजगार को सपोर्ट किया है।
YouTube India की एमडी गुंजन सोनी ने NDTV के साथ बातचीत में क्रिएटर इकोसिस्टम की बढ़ती भूमिका पर जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, कंटेंट बनाने वाले कई लोग अब केवल व्यक्तिगत स्तर पर वीडियो तैयार नहीं कर रहे, बल्कि उनके चैनल एक व्यवस्थित मीडिया कारोबार का रूप ले रहे हैं।
YouTube Career in India : छोटे कमरे से शुरू हुआ चैनल, अब 35 लोगों को रोजगार
YouTube India की एमडी ने ‘सिंपल घर’ चैनल का उदाहरण देते हुए बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 2022 में एक छोटे कमरे और एक कैमरे से हुई थी। चैनल का उद्देश्य लोगों को घर खरीदने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना था।

रिपोर्ट के अनुसार, समय के साथ इस चैनल का विस्तार हुआ और अब यहां करीब 35 लोगों को रोजगार मिलता है। चैनल सात से ज्यादा भाषाओं में कंटेंट तैयार करता है। यह उदाहरण बताता है कि डिजिटल कंटेंट के आसपास कैमरा, एडिटिंग, रिसर्च, प्रोडक्शन और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन रहे हैं।
YouTube Career in India : 20 फीसदी क्रिएटर्स की कमाई सात अंकों में
रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। इसके मुताबिक करीब 20 प्रतिशत क्रिएटर्स की कमाई सात अंकों में बताई गई है। वहीं 73 प्रतिशत क्रिएटर्स का कहना है कि YouTube पर किया जाने वाला काम उनकी मुख्य आय का स्रोत है।
YouTube की ओर से क्रिएटर इकोसिस्टम में कंटेंट निर्माण के साथ-साथ मोनेटाइजेशन के अवसरों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्रिएटर्स को अपने डिजिटल काम को आगे बढ़ाने के लिए नए रास्ते उपलब्ध कराना है।
YouTube Career in India : एक साल में करीब 2 लाख चैनल हुए मोनेटाइज
YouTube India की ओर से बताया गया कि पिछले साल करीब 2 लाख नए चैनल पहली बार मोनेटाइज हुए। यह आंकड़ा भारत में डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के विस्तार को दर्शाता है।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि YouTube पर अब केवल वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कैमरा, वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्टिंग, ग्राफिक्स, रिसर्च और प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी काम के अवसर विकसित हो रहे हैं।
YouTube Career in India : क्रिएटर से मीडिया एंटरप्राइज तक का सफर
YouTube India के मुताबिक, क्रिएटर इकोसिस्टम में बदलाव के साथ कई कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने चैनल को एक छोटे व्यक्तिगत प्रोजेक्ट से आगे बढ़ाकर संगठित मीडिया कारोबार में बदला है। ऐसे चैनलों में अलग-अलग कामों के लिए टीम बनाई जाती है और कई भाषाओं में कंटेंट तैयार किया जाता है।
इस तरह YouTube भारत में केवल वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कंटेंट निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग और रोजगार से जुड़े एक बड़े इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो रहा है।
रील का करियर या निर्माण का भविष्य ?
YouTube, Instagram और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने युवाओं के सामने कमाई और करियर के नए रास्ते खोले हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि कंटेंट क्रिएशन आज एक वास्तविक आर्थिक गतिविधि बन चुका है। लेकिन सवाल यह है कि क्या बड़ी संख्या में युवाओं का सपना केवल रील, वीडियो और व्यूज तक सीमित हो जाना चाहिए?
किसी देश की ताकत केवल उसके डिजिटल कंटेंट से नहीं, बल्कि उसकी उत्पादन क्षमता, विज्ञान, तकनीक और औद्योगिक आत्मनिर्भरता से भी तय होती है। विमान निर्माण, रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, मशीनरी, ऊर्जा, जैव-प्रौद्योगिकी और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी देश की दीर्घकालिक क्षमता को आकार देती है।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारना भी उचित नहीं। इससे लाखों लोगों को रोजगार, व्यवसाय और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। समस्या प्लेटफॉर्म नहीं, एकतरफा करियर मानसिकता हो सकती है, जहां सफलता का पैमाना केवल फॉलोअर्स, व्यूज और वायरल होने लगे।
भारत के युवाओं के सामने सवाल यह नहीं होना चाहिए कि रील बनाएं या उद्योग में जाएं। सवाल यह होना चाहिए कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ उत्पादन और तकनीकी अर्थव्यवस्था भी कितनी मजबूत बनाएं। सोशल मीडिया साधन रहे, मंजिल नहीं—यही संतुलन भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
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