रिपोर्टर -आगस्टीन
Dumka Medical College Protest: दुमका के दिग्घी स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर रैयतों का आंदोलन तेज हो गया है। अस्पताल निर्माण के लिए जमीन देने वाले रैयतों का कहना है कि उनके परिवारों के योग्य सदस्यों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर मंगलवार को स्थानीय युवाओं और जमीनदाताओं ने अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया।
Dumka Medical College Protest: जमीन देने वाले परिवारों ने रखी रोजगार में प्राथमिकता की मांग
रैयतों का कहना है कि फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी है। ऐसे में अस्पताल में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की आउटसोर्सिंग एवं दैनिक वेतन आधारित नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं और प्रभावित जमीनदाता परिवारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। आंदोलनकारियों ने बाहरी लोगों को रोजगार देने पर भी आपत्ति जताई है। स्थानीय युवाओं की ओर से बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्य स्थानीय उम्मीदवारों को अवसर देने की मांग भी सामने आई है।
Dumka Medical College Protest: 25 सितंबर को सौंपा था ज्ञापन
रैयतों ने 25 सितंबर को फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य और अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय पंचायत के ग्रामीणों को रोजगार देने की मांग की थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन, आउटसोर्सिंग कंपनी और रैयतों के बीच 29 सितंबर को बातचीत प्रस्तावित थी। रैयतों का आरोप है कि निर्धारित समय पर आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि वार्ता के लिए नहीं पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी उनसे बातचीत नहीं हुई। इससे नाराज होकर बड़ी संख्या में रैयत अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए।
इससे पहले प्राचार्य की ओर से संबंधित बहाली एजेंसी को बुलाकर ग्रामीणों के साथ बैठक करने का आश्वासन भी दिया गया था।
Dumka Medical College Protest: आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक की चेतावनी
आंदोलनरत रैयतों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलने की स्थिति में आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारियों को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। आंदोलनकारियों के अनुसार अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के प्रवेश को लेकर अलग व्यवस्था रहेगी, लेकिन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की एंट्री का विरोध किया जाएगा।
29 सितंबर की रिपोर्टों में भी आंदोलनकारियों की ओर से 30 सितंबर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को अस्पताल में प्रवेश नहीं देने और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी का उल्लेख है।
Dumka Medical College Protest: लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
रैयतों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। जमीन देने वाले परिवारों के रोजगार के मुद्दे पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्पष्ट और लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि अस्पताल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में स्थानीय लोगों को अवसर दिए जाने और प्रभावित रैयत परिवारों की मांग पर ठोस निर्णय होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब अस्पताल प्रबंधन, आउटसोर्सिंग एजेंसी और आंदोलनरत रैयतों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर सभी की नजर है।


