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एमसीडी अफसर को हिरासत में क्यों नहीं लिया गया है? राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने किया तीखा सवाल

दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में तीन छात्रों की मौत के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या अब तक किसी एमसीडी अफसर को हिरासत में लिया गया है?  साथ ही यह भी पूछा कि क्या इस मामले में एमसीडी के अधिकारियों की जांच हुई?

मुखर्जी नगर और विवेक विहार में आग की घटनाओं का जिक्र

दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस (ACJ) मनमोहन और जस्टिस तुषार राव कोचिंग हादसे के मामले की सुनवाई कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ट्रस्ट कुटुंब का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह ने तर्क दिया कि राजिंदर नगर की घटना नई नहीं है, उन्होंने मुखर्जी नगर और विवेक विहार में आग की घटनाओं का जिक्र किया। 

ओल्ड राजेंद्र नगर में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि शहर में पहले आग की घटनाएं हुईं। अब पानी में डूबने से जान गई। ऐसा लगता है कि हम जंगल में रहते हैं, जहां आग और पानी से लोग मर रहे हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट में जानकारी दी कि अधिकारी जांच कर रहे हैं। करीब 75 संस्थानों को नोटिस दिए जा चुके हैं। 35 को बंद किया गया है। 25 को सील कर किया गया है। 
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ओल्ड राजेंद्र नगर में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। पुलिस की मिलीभगत से अनधिकृत निर्माण होते हैं। अनाधिकृत निर्माण इसके बिना नहीं हो सकते। सभी अधिकारी केवल जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने में रुचि रखते हैं।

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