दमोह: जिले में जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और टीम उम्मीद के नेतृत्व में लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में यह अभियान रोजाना की तरह जारी था, लेकिन सर्किट हाउस पहाड़ी पर पहुंचे स्वच्छता कर्मियों ने जो देखा, उसने पूरे जिले के दावों की पोल खोल दी। सफाई के दौरान गोंगा नशा के हजारों पैकेट, शराब की खाली बोतलें, पानी के पाउच, चिप्स के पैकेट और कई तरह का अनुचित व आपत्तिजनक सामान मिला। दृश्य इतना चौंकाने वाला था कि स्वच्छता एम्बेसडर हरीश पटेल ने इस स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया।
हरीश पटेल ने कहा कि यह दमोह के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है कि यहां की युवा पीढ़ी तेज़ी से नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस विभाग से अपील करते हुए कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही रात्रि गश्त बढ़ाकर ऐसे इलाकों में निगरानी की जाए, जहां युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अब समय है कि समाज और व्यवस्था मिलकर युवाओं को नशामुक्ति की ओर प्रेरित करें, उन्हें संस्कारवान और जागरूक बनाने के लिए अभियान चलाए जाएं, ताकि दमोह का भविष्य सुरक्षित हो सके और शहर नशे के दुष्प्रभाव से बाहर निकले।





