Report: Vandna Rawat
Yogi Adityanath शिक्षक दिवस और अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ज्ञान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले दीपक हैं, जो नई पीढ़ी को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।
शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ाई नहीं, संस्कार भी
Yogi Adityanath मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरुकुल व्यवस्था समग्र शिक्षा का केंद्र रही है, जहां ज्ञान के साथ दायित्वबोध और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी।

डिजिटल और एआई साक्षरता समय की जरूरत
Yogi Adityanath सीएम योगी ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी आवश्यक हो गई है। उन्होंने बताया कि एआई, डीप-टेक और उभरती तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। लखनऊ में विकसित हो रही एआई सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं यूएवी तकनीक का इकोसिस्टम प्रदेश के तकनीकी विकास को नई दिशा देगा।

शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं का मिला लाभ
Yogi Adityanath मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के कौशल विकास को मजबूत किया है। इन प्रयासों से विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर कम करने में सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
समाज की भागीदारी से पूरा होगा साक्षरता का संकल्प
Yogi Adityanath मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है तो उसे साक्षर बनाने का प्रयास करें। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक डिजिटल और एआई ज्ञान के प्रति जागरूक बने।


