Aaj ka Mausam: देशभर में मानसून की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार, 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। तेज हवाओं और आंधी का असर खेती पर भी पड़ सकता है और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
Aaj ka Mausam: 48 घंटे में बन सकता है निम्न दबाव का क्षेत्र
मौसम में बदलाव के पीछे एक प्रमुख कारण निम्न दबाव वाले क्षेत्र को माना जा रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड से होते हुए पश्चिम बंगाल तक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
Aaj ka Mausam: उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और आंधी का असर
दिल्ली में 7 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की गति करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश और तेज हवाओं के कारण राजधानी में कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड में 7 सितंबर तथा 10 से 12 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 8 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब में भी 7 सितंबर को बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत के मौसम की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 और 8 सितंबर के साथ 11 और 12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है।
विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
Aaj ka Mausam: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बदलेगा मौसम
पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 8 सितंबर तथा 11 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 7 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
Aaj ka Mausam: पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 7 से 12 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।
Aaj ka Mausam: पश्चिमी भारत में कहां होगी बारिश
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में भी इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Aaj ka Mausam: दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई राज्यों में 7 से 12 सितंबर तक छिटपुट बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
Aaj ka Mausam: कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं की चेतावनी
7 सितंबर को तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में सतह के पास तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान भी तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
ऐसे मौसम में खुले क्षेत्रों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतना जरूरी होगा।
Aaj ka Mausam: 7 सितंबर को प्रमुख शहरों का तापमान
7 सितंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मुंबई में तापमान 30 और 26 डिग्री, जबकि चेन्नई में अधिकतम 34 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
कोलकाता में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री, लखनऊ में 31 और 26 डिग्री तथा पटना में 32 और 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री, भोपाल में 28 और 23 डिग्री, जयपुर में 33 और 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शिमला में अधिकतम 23 और न्यूनतम 17 डिग्री तथा नैनीताल में 21 और 18 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना है।
Aaj ka Mausam: मछुआरों के लिए समुद्र में जाने की चेतावनी
मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों के लिए भी सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया तट के साथ और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में स्थिति खराब रह सकती है। ओमान तट के साथ और उससे लगे उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी सावधानी जरूरी है।
बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट के पास मन्नार की खाड़ी से लगे कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
Aaj ka Mausam: किसानों के लिए भी अलर्ट
तेज हवाओं, आंधी और भारी बारिश की स्थिति में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से उन इलाकों में जहां तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है, किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
बारिश के कारण नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी आने की संभावना वाले क्षेत्रों में भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी होगी।


