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पहलगाम हमले के पीछे कौन-कौन, एजेंसियों ने तैयार की आतंकियों की पूरी सूची

BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक हमले के पीछे जिन आतंकियों का हाथ था, उनकी पहचान अब सामने आ चुकी है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। खुफिया एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के उन आतंकियों की सूची तैयार कर ली है जो फिलहाल घाटी में सक्रिय हैं और विभिन्न आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं।

एजेंसियों ने जानकारी दी है कि आतंकियों की यह सूची लॉन्चिंग कमांडर से लेकर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले सदस्यों तक की पूरी श्रृंखला को कवर करती है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि आतंकी नेटवर्क किस प्रकार से काम करता है, फंडिंग कहां से होती है, और कौन किस पद पर है।

जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क

इस आतंकी संगठन का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर है। इसके संगठनात्मक ढांचे में—

  • मोहम्मद हसन— आतंकी विचारधारा फैलाने का जिम्मेदार
  • मौलाना सज्जाद उस्मान— धन एकत्र करने की जिम्मेदारी
  • कारी मसूद अहमद— संगठनात्मक प्रचार व संवाद का संचालन
  • मुफ्ती मोहम्मद असगर— मुख्य लॉन्चिंग कमांडर
  • सफीउल्लाह— रहमत ट्रस्ट का प्रभारी
  • इब्राहिम राठर— अभियानों के सामरिक समन्वय में अहम भूमिका

लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी संरचना

  • हाफिज मोहम्मद सईद— संगठन का प्रमुख
  • तल्हा सईद— हाफिज का बेटा, अब ऑपरेशन चीफ की भूमिका निभा रहा
  • जकी-उर-रहमान लखवी— संचालन प्रमुख, जिसने 2008 मुंबई हमलों की साजिश रची थी
  • साजिद मीर— मुंबई हमले का मास्टरमाइंड, अब भी फरार, अंतरराष्ट्रीय आतंकी गतिविधियों का प्रमुख
  • मोहम्मद याह्या मुजाहिद— प्रचार और मीडिया संभालने वाला प्रमुख
  • हाजी मोहम्मद अशरफ— वित्तीय गतिविधियों की देखरेख
  • आरिफ कासमानी— अन्य आतंकी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करता है
  • जफर इकबाल— वैचारिक प्रशिक्षण में शामिल, सह-संस्थापक

मध्य-स्तरीय नेतृत्व और स्थानीय सहयोगी

मध्य-स्तरीय कमांडर घाटी में आतंक फैलाने के संचालन की जिम्मेदारी निभाते हैं। ये अक्सर गुप्त पहचान के तहत कार्य करते हैं और सीधे ग्राउंड ऑपरेशनों से जुड़े होते हैं।

  • आदिल थोकर— पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त यह आतंकी पहलगाम हमले में शामिल था।

सहायक संगठन और मोर्चे

  • जमात-उद-दावा— लश्कर की सामाजिक शाखा, जनता का समर्थन हासिल करने के लिए स्कूल, अस्पताल और राहत सेवाओं का संचालन करता है।
  • फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, अल मदीना और ऐसर फाउंडेशन— प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाए गए वैकल्पिक मोर्चे।
  • मिल्ली मुस्लिम लीग— पाकिस्तान में लश्कर का राजनीतिक मोर्चा, जिसे अमेरिका ने आतंकी संगठन करार दिया है।

आर्थिक सहयोग और हवाला नेटवर्क

जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों की मदद से हवाला नेटवर्क के माध्यम से भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में धन का आदान-प्रदान होता है, जिससे आतंकी गतिविधियों को आर्थिक समर्थन मिलता है।

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