Lucknow उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को अमली जामा पहनाते हुए राज्य कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में लगभग दोगुनी वृद्धि को मंजूरी दे दी है। विधानसभा सत्र 2026 के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मियों को आर्थिक मजबूती प्रदान की है। इस निर्णय से सरकारी खजाने पर सालाना ₹1475.27 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ आएगा।

Lucknow मानदेय में ‘बंपर’ उछाल: अब खाते में आएगी इतनी रकम
कैबिनेट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के वेतन ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी:

| पद का नाम | पुराना मानदेय | नया मानदेय | कुल वृद्धि |
| शिक्षामित्र | ₹10,000 | ₹18,000 | ₹8,000 |
| अंशकालिक अनुदेशक | ₹9,000 | ₹17,000 | ₹8,000 |
नोट: बढ़ा हुआ वेतन मई माह में होने वाले भुगतान के साथ जुड़कर मिलेगा। यह मानदेय वर्ष में 11 माह के लिए देय होगा।
Lucknow 1.43 लाख शिक्षामित्रों के जीवन में आएगा बदलाव
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने जानकारी दी कि इस फैसले से प्रदेश के 1,42,929 शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

- बजट का प्रबंधन: केंद्र सरकार से ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत 60:40 के अनुपात में बजट का प्रस्ताव भेजा जाएगा। यदि केंद्र से अनुमोदन में देरी होती है, तो भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से बढ़ा हुआ मानदेय सुनिश्चित करेगी।
- पूर्ण राज्य वित्त पोषित: लगभग 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है, उनके लिए भी ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
Lucknow 25 हजार अनुदेशकों को भी मिली बड़ी राहत
राज्य के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के लिए भी यह मंगलवार मंगलकारी रहा। वर्ष 2017 के बाद पहली बार उनके मानदेय में इतनी बड़ी वृद्धि की गई है।
- अतिरिक्त व्यय: अनुदेशकों के बढ़े हुए वेतन के लिए सरकार ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त भार वहन करेगी।
- उद्देश्य: इस वृद्धि का मुख्य उद्देश्य शिक्षा कर्मियों के जीवन स्तर को सुधारना और स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।





