Trump Iran Statement: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी समझ और सुरक्षा चिंताओं के आधार पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान तेजी से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा था, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था। इसी वजह से उन्होंने कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया।
Trump Iran Statement: 7 अक्टूबर के हमले और ईरान की भूमिका का जिक्र
ट्रंप ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले का हवाला देते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में ईरान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, उस हमले के बाद क्षेत्र में जो हालात बने, उन्होंने उनके निर्णय को और मजबूत किया। उन्होंने दोहराया कि उनका पुराना रुख रहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाने चाहिए।
Trump Iran Statement: ट्रुथ सोशल पोस्ट से बढ़ी सियासी हलचल
“Israel never talked me into the war with Iran, the results of Oct. 7th, added to my lifelong opinion that IRAN CAN NEVER HAVE A NUCLEAR WEAPON, did… the results in Iran will be amazing – And if Iran’s new leaders (Regime Change!) are smart, Iran can have a great and prosperous… pic.twitter.com/KJXICktUcH
— The White House (@WhiteHouse) April 20, 2026
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने लिखा कि इजरायल ने उन्हें कभी भी ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए प्रेरित नहीं किया। साथ ही उन्होंने अमेरिकी मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि कई रिपोर्ट्स भ्रामक और झूठी हैं। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि मीडिया में दिखाई जा रही अधिकांश बातें तथ्यात्मक नहीं हैं।
Trump Iran Statement: वेनेजुएला जैसा अंजाम होने की चेतावनी
अपने बयान में ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के शासक समझदारी नहीं दिखाते, तो देश की स्थिति वेनेजुएला जैसी हो सकती है। वहीं उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन होता है और नई सरकार समझदारी से काम करती है, तो देश का भविष्य बेहतर और समृद्ध हो सकता है।
Trump Iran Statement: इजरायल के दबाव में फैसले के आरोपों पर सफाई
ट्रंप पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने इजरायल के दबाव में आकर सख्त नीति अपनाई। इस संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह उनका स्वतंत्र निर्णय था। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि उन्होंने किसी अन्य देश के कहने पर कदम उठाया।
Trump Iran Statement: अमेरिकी राजनीति और मीडिया पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक विरोधियों की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने 2020 के चुनाव को लेकर भी अपने पुराने आरोप दोहराए।
Trump Iran Statement: ईरान के आरोप और ट्रंप की प्रतिक्रिया
ईरान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी संसाधनों का इस्तेमाल इजरायल के हित में कर रहा है। ईरानी पक्ष का कहना है कि यह युद्ध अमेरिका का नहीं, बल्कि इजरायल का एजेंडा है। इन आरोपों के जवाब में ट्रंप ने साफ किया कि उनके फैसले अमेरिकी सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को ध्यान में रखकर लिए गए हैं, न कि किसी अन्य देश के दबाव में।
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