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अमित भंगेल के विवादित बयान पर सिंधी समाज आक्रोशित, पुतला दहन कर जताया विरोध

रिपोर्ट: शैलेंद्र पारे

रतलाम। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना से जुड़े अमित बघेल (उर्फ भंगेल) द्वारा कथित तौर पर सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर सिंधी समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि उन्होंने सिंधी समाज के ईष्ट देवता भगवान श्री झुलेलाल जी के प्रति अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इसके साथ ही उन पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने देशभक्त सिंधी समाज को पाकिस्तानी कहकर निशाना बनाया, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएँ एवं सामाजिक सम्मान आहत हुआ है

घटना सामने आने के बाद सिंधी समाज के लोगों ने इसे न सिर्फ धार्मिक आस्था पर चोट बताया, बल्कि समाज की वर्षों पुरानी देशभक्ति और सांस्कृतिक अस्मिता पर भी हमला बताया। कई सामाजिक संगठनों व वरिष्ठ जनों ने इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि भगवान झुलेलाल जी पूरे सिंधी समाज के आराध्य हैं, और इस प्रकार की भाषा असहनीय है।

समाज जनों का कहना है कि ऐसी टिप्पणियाँ न सिर्फ साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ती हैं, बल्कि समाज को बांटने का काम भी करती हैं। कई युवाओं व वरिष्ठ नागरिकों ने संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। कुछ संगठनों द्वारा स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें आरोपी पर कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है

फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर शहर में चर्चा बनी हुई है। समाजजन उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक या सामाजिक भावना को आहत करने का प्रयास न कर सके

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