Report: Prem Shrivastva
Sarna Dharma Code जमशेदपुर के करनडीह स्थित दिसोम जाहेरथान में 16 सितंबर 2026 को माझी पारगना माहाल पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था कोल्हान प्रमंडल, धाड़ कुचूं बारहा पातकोम और सिंञ दिशोम की ओर से आयोजित धोरोम सेनेलेद् सम्मेलन की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जुगसलाई तोरोप परगना बाबा दसमत हांसदा ने की।
सम्मेलन के आय-व्यय का प्रस्तुत किया गया लेखा-जोखा
Sarna Dharma Code बैठक में कुचूं दिशोम के देश पारानिक बाबा नवीन मुर्मू ने हाल ही में आयोजित सम्मेलन का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से लेखा-जोखा को स्वीकृति प्रदान की। समीक्षा के दौरान सम्मेलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया गया और भविष्य में धाड़ कुचूं बारहा पातकोम एवं सिंञ दिशोम क्षेत्रों में पुनः धोरोम सेनेलेद् आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सारना धर्म कोड की मान्यता के लिए चलाया जाएगा व्यापक अभियान
Sarna Dharma Code बैठक में निर्णय लिया गया कि फरवरी 2027 के अंत तक विभिन्न दिशोम क्षेत्रों में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनगणना में अधिक से अधिक लोगों द्वारा सारना धर्म का उल्लेख सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
साथ ही सारना धर्म कोड को मान्यता दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रजिस्ट्रार जनरल को लाखों की संख्या में स्पीड पोस्ट के माध्यम से ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराने के साथ-साथ आदिवासी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
बैठक के अंत में समाज के लोगों से सारना धर्म, संस्कृति, पूजा-पद्धति और परंपराओं को जीवन में आत्मसात करने तथा उनका पालन करने का आह्वान किया गया।
बैठक में हरिपोदो मुर्मू, दसमत हांसदा, पुन्ता मुर्मू, लखन मार्डी, दुर्गाचरण मुर्मू, नवीन मुर्मू, बिंदे सोरेन, सुरेंद्र टुडू, सुनील सोरेन, गोपाल हांसदा, सुखराम किस्कू, रेन्टा मुर्मू, लेदेम मुर्मू, कारु मुर्मू, शंकर हेंब्रम, विश्वनाथ मार्डी, सालखू सोरेन, जितु मुर्मू, बिपिन चंद्र मुर्मू, सुशील मुर्मू, वीर सिंह बास्के सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।


