Ujjain Youth Dharma Sansad: उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ का आयोजन किया जाएगा। गीता भवन में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा, विद्यार्थी, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम में धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद होगा।
Ujjain Youth Dharma Sansad: धर्म और भारतीय संस्कृति पर होगा संवाद
Ujjain Youth Dharma Sansad में युवाओं को धर्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखने और दूसरे प्रतिभागियों के विचारों को समझने का अवसर मिलेगा। आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विषयों पर संवाद को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
Ujjain Youth Dharma Sansad: कलाकारों की पेंटिंग में दिखेगी भारतीय संस्कृति
Ujjain Youth Dharma Sansad को केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रखा गया है। आयोजन स्थल गीता भवन परिसर में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार अपनी पेंटिंग्स और कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित कर रहे हैं।
कलाकृतियों में भारतीय जीवन मूल्यों, परंपराओं और देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिल रही है। एक ही परिसर में अलग-अलग क्षेत्रों से आई कला को प्रदर्शित किए जाने से प्रतिभागियों को देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
Ujjain Youth Dharma Sansad: कलाकारों ने बताया कला का महत्व
Ujjain Youth Dharma Sansad में शामिल कलाकारों का कहना है कि कला केवल प्रदर्शित करने की वस्तु नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है। युवाओं के बीच भारतीय कला को प्रस्तुत करना उनके लिए विशेष अनुभव है।
कलाकारों के अनुसार, आधुनिक समय में नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में कला महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे आयोजनों में युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों की कला और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।
Ujjain Youth Dharma Sansad: पुस्तक मेले से लेकर युवा पंचायत तक
Ujjain Youth Dharma Sansad के दौरान कला दीर्घा के अलावा कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुस्तक मेला, युवा पंचायत और जनजातीय मेले का आयोजन भी प्रस्तावित है।
इस तरह तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन धर्म और संवाद के साथ साहित्य, कला, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को भी एक मंच पर लाएगा। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं।
Ujjain Youth Dharma Sansad: 18 सितंबर को मोहन भागवत का संबोधन
Ujjain Youth Dharma Sansad के कार्यक्रम में 18 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत युवाओं को संबोधित करेंगे। वहीं 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में तीन दिवसीय आयोजन का समापन होगा।
आयोजकों के अनुसार, युवा धर्म संसद की श्रृंखला इससे पहले काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और कांचीपुरम जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में आयोजित की जा चुकी है। उज्जैन में होने वाले आयोजन में देशभर से युवाओं को जोड़ने के साथ भारतीय संस्कृति और कला की विविधता को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
Ujjain Youth Dharma Sansad: तीन दिनों तक उज्जैन में दिखेंगे संस्कृति के कई रंग
Ujjain Youth Dharma Sansad के जरिए उज्जैन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले युवाओं और कलाकारों का एक साथ जुटना शहर के लिए विशेष आयोजन होगा। धर्म, भारतीय ज्ञान परंपरा, युवा संवाद, साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तीन दिनों तक गीता भवन परिसर में अलग-अलग क्षेत्रों की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने के साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।


