बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक माहौल गर्म है। RJD ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए एक वीडियो जारी किया है। पार्टी ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ये 74 साल का तथाकथित ‘युवा’ बिहार को ले डूबा! कोरोना काल में महीनों तक बाहर नहीं निकले, महिलाओं और युवाओं को अपमानित किया, ‘सुशासन’ का नारा देकर राज्य को हर क्षेत्र में पिछड़ा बनाया।”
आरोपों की फेहरिस्त में कहा गया कि नीतीश कुमार कभी अनाप-शनाप बयान देते हैं, तो कभी अशोभनीय टिप्पणियों से विवाद पैदा करते हैं। RJD ने दावा किया कि “उनकी पार्टी के लोग भी उनके व्यवहार से शर्मिंदा हैं। दिमाग और जुबान साथ नहीं दे रही, फिर भी कुर्सी पकड़े बैठे हैं। भ्रष्टाचार और अफसरशाही के खिलाफ जनता चिल्ला रही है—अब बस करो, कुर्सी छोड़ो!”
पहले भी उठाए थे आरोप
इससे पहले, RJD ने सहरसा में एक दुकानदार की हत्या का मुद्दा उठाते हुए नीतीश सरकार को “चौपट राज” बताया था। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि “सरकारी खजाने से 225 करोड़ रुपये खर्च कर ‘महिला संवाद’ के नाम पर डिजिटल रथ चलाए जा रहे हैं, जबकि बिहार गरीबी से जूझ रहा है।”
चुनावी रणनीति या सच्चाई?
RJD का यह हमला चुनावी रणनीति का हिस्सा लगता है, लेकिन नीतीश कुमार के बयानों और नीतियों को लेकर विवाद पहले भी होते रहे हैं। अब देखना है कि जनता इस आरोप-प्रत्यारोप का क्या जवाब देती है।





