रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Retired SI Rakesh Yadav Suicide Case फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद नगर अंतर्गत सुभाष तिराहा इलाके में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त (Retired) एक दरोगा ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले अपनी पत्नी को गोली मार दी और उसके तुरंत बाद खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस आत्मघाती कदम के कारण दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की हाई-प्रोफाइल पृष्ठभूमि होने के कारण घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की।
Retired SI Rakesh Yadav Suicide Case पूर्व कांग्रेस विधायक के पुत्र थे मृतक राकेश यादव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आत्मघाती कदम उठाने वाले सेवानिवृत्त दरोगा की पहचान राकेश यादव के रूप में हुई है। राकेश यादव क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व कांग्रेस विधायक जगदीश यादव के पुत्र थे। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल कर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। उनके द्वारा पहले अपनी पत्नी मूर्ति देवी (60 वर्ष) को निशाना बनाया गया और फिर खुद के सिर में गोली मार ली। घटना के वक्त घर में मौजूद लोग और पड़ोसी जब तक कुछ समझ पाते, तब तक दोनों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
Retired SI Rakesh Yadav Suicide Case पत्नी का कैंसर और विचाराधीन मुकदमा; भारी मानसिक तनाव में था दंपति
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में इस आत्मघाती कदम के पीछे गहरे मानसिक तनाव की बात सामने आ रही है। जांच में दो मुख्य बिंदु उभरकर सामने आए हैं:
- गंभीर बीमारी: मृतक दरोगा की पत्नी मूर्ति देवी लंबे समय से असाध्य रोग ‘कैंसर’ से पीड़ित थीं, जिसका इलाज चल रहा था और उनकी हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई थी।
- कानूनी उलझन: रिटायर्ड दरोगा राकेश यादव के खिलाफ भी एक कानूनी मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। बीमारी के खर्च और अदालती कार्यवाही के दोहरे बोझ के कारण पूरा परिवार पिछले काफी समय से भारी मानसिक अवसाद (Depression) से गुजर रहा था।
Retired SI Rakesh Yadav Suicide Case परिजनों का गंभीर आरोप: ‘कुछ लोग लगातार कर रहे थे प्रताड़ित’
हालांकि पुलिस घटना की वास्तविक और पुख्ता वजहों की तलाश कर रही है, लेकिन इस बीच मृतक दरोगा के परिजनों ने एक नया और गंभीर मोड़ ला दिया है। पुलिस को दिए बयानों में परिजनों ने आरोप लगाया है कि राकेश यादव को पिछले कुछ समय से कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किसी विवाद को लेकर लगातार मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा था। इस ब्लैकमेलिंग या प्रताड़ना के कारण उनका तनाव चरम पर पहुंच गया था।
शिकोहाबाद थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत और बयानों को ऑन-रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बीमारी, कानूनी विवाद और परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच कर रही है।





