BY
Yoganand Shrivastava
Rat आमतौर पर भारतीय बाज़ारों में शाम ढलते ही मोमोज, चाप और पनीर टिक्का की खुशबू आने लगती है। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी देश में सड़कों के किनारे पनीर टिक्के की तरह सींखों पर पिरोए हुए चूहे बिकते हों? यह कोई डरावनी फिल्म का सीन नहीं बल्कि पूर्वी अफ्रीका के एक देश की हकीकत है। यहाँ चूहा कोई गंदगी फैलाने वाला जीव नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय ‘स्ट्रीट फूड’ है जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं।

मलावी का पसंदीदा स्नैक: नाश्ते में परोसे जाते हैं चूहे
Rat अफ्रीका के मलावी (Malawi) में चूहे का मांस एक बेहद लोकप्रिय व्यंजन है। यहाँ के मुख्य राजमार्गों और स्थानीय बाज़ारों में आपको लोग डंडों पर रोस्टेड चूहे लटकाकर बेचते हुए मिल जाएंगे। स्थानीय लोगों के लिए यह सुबह और शाम का एक पसंदीदा नाश्ता है। इसे अक्सर पकाकर, सुखाकर या नमक लगाकर तैयार किया जाता है। मलावी के लोगों का मानना है कि चूहे का मांस प्रोटीन का एक बेहतरीन और सस्ता स्रोत है।

खेतों से बाज़ार तक: कैसे किया जाता है इनका शिकार?
Rat इन चूहों को पकड़ने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प है। मलावी के लोग विशेष रूप से मकई के खेतों में जाते हैं, जहाँ ये चूहे बहुतायत में पाए जाते हैं। किसान और ग्रामीण जमीन खोदकर इन चूहों को पकड़ते हैं। शिकार के बाद इन्हें साफ करके रोस्ट किया जाता है और फिर बिक्री के लिए सड़कों के किनारे लाया जाता है। यहाँ यह भोजन इतना सामान्य है कि इसे एक ‘हेल्दी डाइट’ का हिस्सा माना जाता है।
मज़बूरी या पसंद: आखिर क्यों खाया जाता है चूहा?
Rat चूहे खाने के पीछे केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि गहरी आर्थिक वजहें भी छिपी हैं। मलावी को दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता है। यहाँ अक्सर फसलें बर्बाद होने के कारण भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाती है। गरीबी और संसाधनों की कमी के चलते मांस के अन्य स्रोत (जैसे चिकन या मटन) आम आदमी की पहुँच से बाहर हैं। ऐसे में चूहा न केवल एक सस्ता विकल्प बनता है, बल्कि भुखमरी के दौर में लोगों के जीवित रहने का एकमात्र सहारा भी बन जाता है।
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