मादा चीता धीरा, आशा जंगल में आजाद, 3 शावकों के साथ लगाई दौड़

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कूनो के खुले जंगल में अब चीतों की संख्या 7 हुई

by: Imran Khan

श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मादा चीता धीरा एवं मादा चीता आशा और उसके 3 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज किया। खुले जंगल में चीतों की संख्या सात हो गई हैं।अब खुले जंगल में चीते अपने मन पसंद भोजन का शिकार करेंगे और पर्यटकों को भी चीतों का दीदार होगा।

बुधवार को प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क के दौरे पर आए, उनके साथ जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे, जिन्होंने मादा चीता धीरा, आशा और उनके 3 शावकों सहित कुल 5 चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज किया है। अब खुले जंगल में चीतों की संख्या 7 हो गई है, क्योंकि, अग्नि और वायु चीते पहले से ही खुले जंगल में हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि, पर्यटकों को भी खुले जंगल में छोड़े गए इन चीतों का दीदार हो सकेगा और कूनो में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
हम आपको बता दें कि, कूनो नेशनल पार्क में 14 शावकों और 12 वयस्क चीतों सहित कुल 26 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 11 शावक और 8 चीते बाड़े में रह रहे हैं और 3 शावकों सहित 7 चीते खुले जंगल में हैं, जिनमें से 5 को डॉ मोहन यादव ने बुधवार को बाड़े से खुले जंगल में रिलीज किया है। अगर कूनो में सबकुछ ठीक ठाक रहा तो जंगल के परिवेश में खुले जंगल में रह रहे यह शावक चीते भी अपनी मां से जंगल में रहने,अपनी सुरक्षा और शिकार करने के गुण सीख सकेंगे। सीएम ने 5 चीतों को खुले जंगल में रिलीज करके कूनो में पर्यटन बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। इस पूरे कार्यक्रम से कूनो प्रशासन ने मीडिया को दूर रखा है।

कूनो नेशनल पार्क में एक दिन पहले ही गूंजी नन्हे चीता शावकों की किलकारियाँ

एक दिन पहले ही कूनो नेशनल पार्क में एक बार फिर खुशियों की लहर दौड़ गई है। मादा चीता वीरा ने मंगलवार को दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है, जिससे पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। इस शुभ अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शावकों की तस्वीरें साझा करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। यह हमारे प्रदेश के वन्यजीवन संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। प्रदेशवासियों को इन शावकों के आगमन पर हार्दिक शुभकामनाएँ।” उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों, वन्य चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ को भी उनकी मेहनत के लिए बधाई दी।

चीतों की संख्या में वृद्धि से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कूनो नेशनल पार्क में इन दो नए शावकों के जन्म के बाद अब कुल चीतों की संख्या 26 हो गई है, जिनमें 12 वयस्क और 14 शावक शामिल हैं। चीतों के कुनबे के बढ़ने से न केवल वन्यजीवन संरक्षण को बल मिला है, बल्कि राज्य के पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

चीतों की वापसी का ऐतिहासिक सफर

गौरतलब है कि सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की थी। इस परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को भारत लाया गया था। लगभग 70 साल पहले भारत में चीतों की प्रजाति विलुप्त हो गई थी, लेकिन इस पुनर्वास परियोजना के जरिए उनकी वापसी का प्रयास किया जा रहा है।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है, जिससे वे सुरक्षित और स्वाभाविक रूप से जीवन जी सकें। इस परियोजना की सफलता का प्रमाण है कि अब तक कई चीता शावकों का जन्म हो चुका है, जो वन्यजीवन संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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